आज आयी है मेरी याद उसे ज़रूर फिर किसी ने उसे ठुकराया होगा.

आज आयी है मेरी याद उसे ज़रूर फिर किसी ने उसे ठुकराया होगा.

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जब कोई आपकी नाराज़गी की फ़िक्र करना छोड़ दे तो समझ लेना रिश्ता ख़तम मजबूरी शुरू

चेहरे तो मिल जाएगी हमसे भी खूबसूरत, पर बात दिल की आएगी ना तो हार जाओगे.

मै इस काबिल तो नहीं कि कोई अपने समझे, पर इतना यकीन है कोई अफसोस जरूर करेगा मुझे खो देने के बाद

इतिहास गवाह है- 'खबर' हो या 'कबर' खोदते हमेशा अपने ही हैं|

बहुत सजा पाई है मैंने वफ़ा निभाने की अब, ना रोने की ताकत है न जागने की हिम्मत।

ज़रा सा खुश क्या होती हूँ किस्मत को बुरा लग जाता है

जब कोई आपकी नाराज़गी की फ़िक्र करना छोड़ दे तो समझ लेना रिश्ता ख़तम मजबूरी शुरू

चेहरे तो मिल जाएगी हमसे भी खूबसूरत, पर बात दिल की आएगी ना तो हार जाओगे.

मै इस काबिल तो नहीं कि कोई अपने समझे, पर इतना यकीन है कोई अफसोस जरूर करेगा मुझे खो देने के बाद

इतिहास गवाह है- 'खबर' हो या 'कबर' खोदते हमेशा अपने ही हैं|

बहुत सजा पाई है मैंने वफ़ा निभाने की अब, ना रोने की ताकत है न जागने की हिम्मत।

ज़रा सा खुश क्या होती हूँ किस्मत को बुरा लग जाता है