-बे’दर्द ज़माने का बहाना सा बना कर, हम टूट के रोते हैं तेरी याद में अक्सर .. ‘

-बे’दर्द ज़माने का बहाना सा बना कर, हम टूट के रोते हैं तेरी याद में अक्सर .. ‘

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I’m incomplete without You

बंद आँखों में मेरी चले आते हो तुम अपनों की तरह, आँख खुलते ही तुम खो जाते हो कहीं सपनो की तरह..

सारी गलतियाँ मेरी, सारे कसूर मेरे …!! सारी कमियां मुझमें, सारे दोष भी मेरे, तुम तो अच्छे हो ना , याद ही कर लिया करो …!!

तू होश में था फिर भी हमें पहचान न सका .. एक हम थे की पी कर भी तेरा नाम लेते रहे .. ‘

हमे जिसकी याद आती है उसे हमारी कभी याद नहीं आती..

प्यार करके जतायें ये जरुरी तो नहीं, याद करके कोई बताए ये जरुरी तो नहीं, रोने वाला तो दिल में ही रो लेता है, आँख में आंसू आयें ये जरुरी तो नहीं..

I’m incomplete without You

बंद आँखों में मेरी चले आते हो तुम अपनों की तरह, आँख खुलते ही तुम खो जाते हो कहीं सपनो की तरह..

सारी गलतियाँ मेरी, सारे कसूर मेरे …!! सारी कमियां मुझमें, सारे दोष भी मेरे, तुम तो अच्छे हो ना , याद ही कर लिया करो …!!

तू होश में था फिर भी हमें पहचान न सका .. एक हम थे की पी कर भी तेरा नाम लेते रहे .. ‘

हमे जिसकी याद आती है उसे हमारी कभी याद नहीं आती..

प्यार करके जतायें ये जरुरी तो नहीं, याद करके कोई बताए ये जरुरी तो नहीं, रोने वाला तो दिल में ही रो लेता है, आँख में आंसू आयें ये जरुरी तो नहीं..