उस से तार्रुफ़ तो करा दो मेरा ….. बस अजनबी कह के मिलाना मुझको !!!

उस से तार्रुफ़ तो करा दो मेरा ….. बस अजनबी कह के मिलाना मुझको !!!

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दुःख तोह तब होता है जब याद आता है, क जिनसे ज़िंदगी क सारे सीक्रेट शेयर कर लिए थे.. उनसे अब बात बी नही होती.

कभी टूटा नहीं मेरे दिल से, उस की याद का रिश्ता, गुफ्तगू जिस से भी हो, ख़याल उस का ही रहता है .. ‘

कहा खो गये है आप, या सो गये है आप, बेवफा तो लगते नही थे पहले, क्या अब हो गये है आप..

दिन भी ठीक से नहीं गुजरता और रात भी बडी तड़पाती है, क्या करू यार तेरी याद ही जो इतनी आती है.

तू होश में था फिर भी हमें पहचान न सका .. एक हम थे की पी कर भी तेरा नाम लेते रहे .. ‘

इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा, राते कटती है लेकर नाम तेरा, मुद्दत से बैठा हूँ पलके ये आस, कभी तो आएगा कोई पैग़ाम तेरा..

दुःख तोह तब होता है जब याद आता है, क जिनसे ज़िंदगी क सारे सीक्रेट शेयर कर लिए थे.. उनसे अब बात बी नही होती.

कभी टूटा नहीं मेरे दिल से, उस की याद का रिश्ता, गुफ्तगू जिस से भी हो, ख़याल उस का ही रहता है .. ‘

कहा खो गये है आप, या सो गये है आप, बेवफा तो लगते नही थे पहले, क्या अब हो गये है आप..

दिन भी ठीक से नहीं गुजरता और रात भी बडी तड़पाती है, क्या करू यार तेरी याद ही जो इतनी आती है.

तू होश में था फिर भी हमें पहचान न सका .. एक हम थे की पी कर भी तेरा नाम लेते रहे .. ‘

इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा, राते कटती है लेकर नाम तेरा, मुद्दत से बैठा हूँ पलके ये आस, कभी तो आएगा कोई पैग़ाम तेरा..