तुम हकीकत’इ-इश्क़ हो या फरेब मेरी आँखों का, न दिल से नीकलते हो न ज़िन्दगी मैं आते हो .. ‘
ख्वाबो मे चाहा था तुम्हे कभी, आज तुम हक़ीक़त बन गए हो, मेरे दिल मे बसाया था तुम्हे कभी, आज तुम ज़िन्दगी बन गए हो..
जितना तू मुझे भुला रही है ! उतना ही दिल को तेरी याद आ रही है.
नाम तेरा ऐसे लिख चुके है अपने वजूद पर.. कि तेरे नाम का भी कोई मिल जाए…. तो भी दिल धड़क जाता है….
सब कुछ है लेकिन उसके बिना सुकून नहीं है!!
आप हमसे दूर क्या हुए आपकी यादें हमारे क़रीब आने लगी…. Missing Y❤️u
तुम हकीकत’इ-इश्क़ हो या फरेब मेरी आँखों का, न दिल से नीकलते हो न ज़िन्दगी मैं आते हो .. ‘
ख्वाबो मे चाहा था तुम्हे कभी, आज तुम हक़ीक़त बन गए हो, मेरे दिल मे बसाया था तुम्हे कभी, आज तुम ज़िन्दगी बन गए हो..
जितना तू मुझे भुला रही है ! उतना ही दिल को तेरी याद आ रही है.
नाम तेरा ऐसे लिख चुके है अपने वजूद पर.. कि तेरे नाम का भी कोई मिल जाए…. तो भी दिल धड़क जाता है….
सब कुछ है लेकिन उसके बिना सुकून नहीं है!!
आप हमसे दूर क्या हुए आपकी यादें हमारे क़रीब आने लगी…. Missing Y❤️u