आज की शाम भी क़यामत की तरह गुज़री, ना जाने क्या बात थी हर बात पे तुम याद आये ..

आज की शाम भी क़यामत की तरह गुज़री, ना जाने क्या बात थी हर बात पे तुम याद आये ..

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~हम चाह कर भी पूछ ही नई पाते उनका हाल, डरते हैं कहीं यह न केहड़ी वह, तुम्हे यह हक किसने दिया .. ?

तेरा मिलना,, मेरे लिए ख्वाब सही,, पर तुझे भूलूँ मैं,,ऐसा कोई लम्हा मेरे पास नहीं..

कोई वादा नहीं फिर भी तेरे इंतज़ार में हैं, जुदाई के बाद भी तुझसे प्यार हैं, तेरे चहेरे की उदासी दे रही हैं, गवाही मुझसे मिलने को तू अब भी बेकरारहैं

तुम हकीकत’इ-इश्क़ हो या फरेब मेरी आँखों का, न दिल से नीकलते हो न ज़िन्दगी मैं आते हो .. ‘

कभी तो हिसाब करो हमारा भी, इतनी मोहब्बत भला कौन देता है उधार में..

तुझ में और तेरी याद मैं बस फ़र्क़ हे इतना, तू तो बेवक़्त आती है याद हर वक़्त आती है..

~हम चाह कर भी पूछ ही नई पाते उनका हाल, डरते हैं कहीं यह न केहड़ी वह, तुम्हे यह हक किसने दिया .. ?

तेरा मिलना,, मेरे लिए ख्वाब सही,, पर तुझे भूलूँ मैं,,ऐसा कोई लम्हा मेरे पास नहीं..

कोई वादा नहीं फिर भी तेरे इंतज़ार में हैं, जुदाई के बाद भी तुझसे प्यार हैं, तेरे चहेरे की उदासी दे रही हैं, गवाही मुझसे मिलने को तू अब भी बेकरारहैं

तुम हकीकत’इ-इश्क़ हो या फरेब मेरी आँखों का, न दिल से नीकलते हो न ज़िन्दगी मैं आते हो .. ‘

कभी तो हिसाब करो हमारा भी, इतनी मोहब्बत भला कौन देता है उधार में..

तुझ में और तेरी याद मैं बस फ़र्क़ हे इतना, तू तो बेवक़्त आती है याद हर वक़्त आती है..