तेरे बाद नज़र आती नहीं मुझे अब कोई मंज़िल, किसी और का हो जाना अब मेरे बस में ही नहीं ..

तेरे बाद नज़र आती नहीं मुझे अब कोई मंज़िल, किसी और का हो जाना अब मेरे बस में ही नहीं ..

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बंद आँखों में मेरी चले आते हो तुम अपनों की तरह,आँख खुलते ही तुम खो जाते हो कहीं सपनो की तरह ! Missing You All The Time !

अपनी नाराज़गी की कोई वजह तोह बतायी होती, हम दुनिया छोड़ देते तुझे मनाने के लिये ..

पानी की तरह एक दिन तेरी आँखों से बह जाएंगे, हम राख बन चुके होंगे और आप ढूँढ़ते रह जाएंगे..

नींद पिछली सदी से ज़ख्मी है ख़्वाब अगली सदी के देखते हैं

दुनियाँ भर की यादें हम से मिलने आती है, शाम ढले इस सूने घर में मेला सा लगता है..

तुम्हे मिस करती हूं रोज़ मिस करती हूं बहुत मिस करती हूं तुम्हारी कसम.

बंद आँखों में मेरी चले आते हो तुम अपनों की तरह,आँख खुलते ही तुम खो जाते हो कहीं सपनो की तरह ! Missing You All The Time !

अपनी नाराज़गी की कोई वजह तोह बतायी होती, हम दुनिया छोड़ देते तुझे मनाने के लिये ..

पानी की तरह एक दिन तेरी आँखों से बह जाएंगे, हम राख बन चुके होंगे और आप ढूँढ़ते रह जाएंगे..

नींद पिछली सदी से ज़ख्मी है ख़्वाब अगली सदी के देखते हैं

दुनियाँ भर की यादें हम से मिलने आती है, शाम ढले इस सूने घर में मेला सा लगता है..

तुम्हे मिस करती हूं रोज़ मिस करती हूं बहुत मिस करती हूं तुम्हारी कसम.