पगली तुझे हिचकियाँ नहीं आती हैं रातों में, न जाने कितने तुझे याद करते है अपनी तनहाइयो में..
I’m incomplete without You
-तेरी क़ुरबत नही हासिल तोह ना सही, तेरा ख्याल हर वक़्त मेरे साथ रहता है ..
आप हमसे दूर क्या हुए, आपकी यादें हमारे क़रीब आने लगी..
कोई वादा नहीं फिर भी तेरे इंतज़ार में हैं, जुदाई के बाद भी तुझसे प्यार हैं, तेरे चहेरे की उदासी दे रही हैं, गवाही मुझसे मिलने को तू अब भी बेकरारहैं
न कर ज़िद अपनी हद में रह ए दिल वो बड़े लोग है अपनी मर्ज़ी से याद करते है
पगली तुझे हिचकियाँ नहीं आती हैं रातों में, न जाने कितने तुझे याद करते है अपनी तनहाइयो में..
I’m incomplete without You
-तेरी क़ुरबत नही हासिल तोह ना सही, तेरा ख्याल हर वक़्त मेरे साथ रहता है ..
आप हमसे दूर क्या हुए, आपकी यादें हमारे क़रीब आने लगी..
कोई वादा नहीं फिर भी तेरे इंतज़ार में हैं, जुदाई के बाद भी तुझसे प्यार हैं, तेरे चहेरे की उदासी दे रही हैं, गवाही मुझसे मिलने को तू अब भी बेकरारहैं
न कर ज़िद अपनी हद में रह ए दिल वो बड़े लोग है अपनी मर्ज़ी से याद करते है