जब ऑंसू गिरने बंद हो जाये तोह तकलीफ गुस्सा बन क बाहर अति है
कदर करना सिख लो क्योंकि.. ना ही ज़िंदगी वापिस आती है और ना ही लोग..
मै इस काबिल तो नहीं कि कोई अपने समझे, पर इतना यकीन है कोई अफसोस जरूर करेगा मुझे खो देने के बाद
हम नादान ही अच्छे हैं दुनिया के समझदार लोगों से, हम अपने ख़्वाब जरूर तोडते हैं पर किसी का दिल नही
जिनको साथ नहीं देना होता वो अक्सर रूठ जाया करते हैं
काश कि वो लौट आयें मुझसे यह कहने, कि तुम कौन होते हो मुझसे बिछड़ने वाले..!!!
जब ऑंसू गिरने बंद हो जाये तोह तकलीफ गुस्सा बन क बाहर अति है
कदर करना सिख लो क्योंकि.. ना ही ज़िंदगी वापिस आती है और ना ही लोग..
मै इस काबिल तो नहीं कि कोई अपने समझे, पर इतना यकीन है कोई अफसोस जरूर करेगा मुझे खो देने के बाद
हम नादान ही अच्छे हैं दुनिया के समझदार लोगों से, हम अपने ख़्वाब जरूर तोडते हैं पर किसी का दिल नही
जिनको साथ नहीं देना होता वो अक्सर रूठ जाया करते हैं
काश कि वो लौट आयें मुझसे यह कहने, कि तुम कौन होते हो मुझसे बिछड़ने वाले..!!!