किसी ने कहा इतने तनहा क्यों हो तुम, मैंने कहा उसने सिर्फ इंतजार ही लिखा था मेरे लिए…
न कर ज़िद अपनी हद में रह ए दिल वो बड़े लोग है अपनी मर्ज़ी से याद करते है
दिल का हाल बताना नही आता, किसी को ऐसे तडपाना नही आता, सुन ना चाहते है एक बार आवाज आपकी, मगर बात करने का बहाना नही आता…!!
गम ने हंसने न दिया, जमाने ने रोने न दिया! इस उलझन ने चैन से जीने न दिया! थक के जब सितारों से पनाह ली! नींद आई तो तेरी याद ने सोने न दिया!
क्यों तुम मेरे ख्यालों में आकर चली जाती हो? अपनी जुल्फों को बिखराकर चली जाती हो. रग रग में उमड़ आता हैतूफान हुस्न का, तुम जो फूल सा मुस्कुराकर चली जाती हो.
मालूम होते ही भूल गए हो शायद, यह फीर कमाल का सबर रखते हो ..
किसी ने कहा इतने तनहा क्यों हो तुम, मैंने कहा उसने सिर्फ इंतजार ही लिखा था मेरे लिए…
न कर ज़िद अपनी हद में रह ए दिल वो बड़े लोग है अपनी मर्ज़ी से याद करते है
दिल का हाल बताना नही आता, किसी को ऐसे तडपाना नही आता, सुन ना चाहते है एक बार आवाज आपकी, मगर बात करने का बहाना नही आता…!!
गम ने हंसने न दिया, जमाने ने रोने न दिया! इस उलझन ने चैन से जीने न दिया! थक के जब सितारों से पनाह ली! नींद आई तो तेरी याद ने सोने न दिया!
क्यों तुम मेरे ख्यालों में आकर चली जाती हो? अपनी जुल्फों को बिखराकर चली जाती हो. रग रग में उमड़ आता हैतूफान हुस्न का, तुम जो फूल सा मुस्कुराकर चली जाती हो.
मालूम होते ही भूल गए हो शायद, यह फीर कमाल का सबर रखते हो ..