दिन भी ठीक से नहीं ✖गुजरता और रात भी बडी तड़पाती है,क्या❔ करू यार तेरी☝ याद ही जो इतनी आती है.
-बे’दर्द ज़माने का बहाना सा बना कर, हम टूट के रोते हैं तेरी याद में अक्सर .. ‘
बंद आँखों में मेरी चले आते हो तुम अपनों की तरह,आँख खुलते ही तुम खो जाते हो कहीं सपनो की तरह ! Missing You All The Time !
-अगर तू वजह न पूछे तोह एक बात कहूं, बीन याद किये तुझे अब सोया नहीं जाता ..
दिन भी ठीक से नहीं गुजरता और रात भी बडी तड़पाती है, क्या करू यार तेरी याद ही जो इतनी आती है.
मत पूछो कैसे गुजरता है हर पल तुम्हारे बिना, कभी बात करने की हसरत कभी देखने की तमन्ना !!
दिन भी ठीक से नहीं ✖गुजरता और रात भी बडी तड़पाती है,क्या❔ करू यार तेरी☝ याद ही जो इतनी आती है.
-बे’दर्द ज़माने का बहाना सा बना कर, हम टूट के रोते हैं तेरी याद में अक्सर .. ‘
बंद आँखों में मेरी चले आते हो तुम अपनों की तरह,आँख खुलते ही तुम खो जाते हो कहीं सपनो की तरह ! Missing You All The Time !
-अगर तू वजह न पूछे तोह एक बात कहूं, बीन याद किये तुझे अब सोया नहीं जाता ..
दिन भी ठीक से नहीं गुजरता और रात भी बडी तड़पाती है, क्या करू यार तेरी याद ही जो इतनी आती है.
मत पूछो कैसे गुजरता है हर पल तुम्हारे बिना, कभी बात करने की हसरत कभी देखने की तमन्ना !!