कोई मरता नहीं किसी के लिए, यह सच है, कोई जीता है मर मर के किसी के लिए, यह भी सच है..
कुछ दिन खामोश होकर देखना, लोग सच में भूल जाते है..
खुद को माफ़ नहीं कर पाओगे, जिस दिन जिंदगी में हमारी कमी पाओगे..
कहा खो गये है आप, या सो गये है आप, बेवफा तो लगते नही थे पहले, क्या अब हो गये है आप..
नींद पिछली सदी से ज़ख्मी है ख़्वाब अगली सदी के देखते हैं
सब कुछ है लेकिन उसके बिना सुकून नहीं है!!
कोई मरता नहीं किसी के लिए, यह सच है, कोई जीता है मर मर के किसी के लिए, यह भी सच है..
कुछ दिन खामोश होकर देखना, लोग सच में भूल जाते है..
खुद को माफ़ नहीं कर पाओगे, जिस दिन जिंदगी में हमारी कमी पाओगे..
कहा खो गये है आप, या सो गये है आप, बेवफा तो लगते नही थे पहले, क्या अब हो गये है आप..
नींद पिछली सदी से ज़ख्मी है ख़्वाब अगली सदी के देखते हैं
सब कुछ है लेकिन उसके बिना सुकून नहीं है!!