इस दुनिया मेँ अजनबी रहना ही ठीक है, लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना कर..
खुद को माफ़ नहीं कर पाओगे, जिस दिन जिंदगी में हमारी कमी पाओगे..
दिल में उसकी चाहत और लबों पे उसका नाम है, वो वफ़ा करे ना करे जिन्दगी अब उसी के नाम है..
मैं कहाँ से लाऊँ..? बता कहाँ बिकता है वो नसीब, जो तुझे उम्र भर के लिए मेरा कर दे .. ‘
-क्या इतने दूर निकल आये है हम, के तेरे ख्यालों में भी नहीं आती .. ‘
न कर ज़िद अपनी हद में रह ए दिल वो बड़े लोग है अपनी मर्ज़ी से याद करते है
इस दुनिया मेँ अजनबी रहना ही ठीक है, लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना कर..
खुद को माफ़ नहीं कर पाओगे, जिस दिन जिंदगी में हमारी कमी पाओगे..
दिल में उसकी चाहत और लबों पे उसका नाम है, वो वफ़ा करे ना करे जिन्दगी अब उसी के नाम है..
मैं कहाँ से लाऊँ..? बता कहाँ बिकता है वो नसीब, जो तुझे उम्र भर के लिए मेरा कर दे .. ‘
-क्या इतने दूर निकल आये है हम, के तेरे ख्यालों में भी नहीं आती .. ‘
न कर ज़िद अपनी हद में रह ए दिल वो बड़े लोग है अपनी मर्ज़ी से याद करते है