कुछ दिन खामोश होकर देखना, लोग सच में भूल जाते है..
कितने चेहरे हैं इस दुनिया में, मगर हमको एक चेहरा ही नज़र आता है, दुनिया को हम क्या देखे, उसकी यादों में सारा वक़्त गुज़र जाता है.
अब तो यह दिल भी आवारगी पर उतर आया कहता है. ले चल उनकी गलियो में वरना अपनी मौत का ज़िम्मेदार तू खुद होगा.
हर बात कहकर समझाई नहीं जाती, हर चीज ज़िन्दगी में पायी नहीं जाती, यु तो हर वक़्त याद करते है आपको, पर अफ़सोस यादें किसी को दिखाई नहीं जाती.
उस से तार्रुफ़ तो करा दो मेरा ….. बस अजनबी कह के मिलाना मुझको !!!
यादों मैं हमारी वो भी खोये होंगे, खुली आँखों से कभी वो भी सोए होंगे, माना हँसना है अदा ग़म छुपाने की, पर हँसते-हँसते कभी वो भी रोए होंगे..
कुछ दिन खामोश होकर देखना, लोग सच में भूल जाते है..
कितने चेहरे हैं इस दुनिया में, मगर हमको एक चेहरा ही नज़र आता है, दुनिया को हम क्या देखे, उसकी यादों में सारा वक़्त गुज़र जाता है.
अब तो यह दिल भी आवारगी पर उतर आया कहता है. ले चल उनकी गलियो में वरना अपनी मौत का ज़िम्मेदार तू खुद होगा.
हर बात कहकर समझाई नहीं जाती, हर चीज ज़िन्दगी में पायी नहीं जाती, यु तो हर वक़्त याद करते है आपको, पर अफ़सोस यादें किसी को दिखाई नहीं जाती.
उस से तार्रुफ़ तो करा दो मेरा ….. बस अजनबी कह के मिलाना मुझको !!!
यादों मैं हमारी वो भी खोये होंगे, खुली आँखों से कभी वो भी सोए होंगे, माना हँसना है अदा ग़म छुपाने की, पर हँसते-हँसते कभी वो भी रोए होंगे..