रहते हुए इस जहां मे मुद्दत गुज़र गई फिर भी अपने आप को अजनबी पता हु मैं…
-क्या इतने दूर निकल आये है हम, के तेरे ख्यालों में भी नहीं आती .. ‘
~सिगरेट जलाई थी उसकी याद भुलाने के लिये पर कम्भखत धुएं ने भी उसकी तस्वीर बना दी .. ‘
ना मुस्कुराने को जी चाहता है; ना आंसू बहाने को जी चाहता है. लिखूं तो क्या लिखूं तेरी याद में; बस तेरे पास लौट आने को जी चाहता है.
मेरी कोशिश हमेशा से ही नाकाम रही पहले तुजे पाने की अब तुजे भुलाने की
तेरा हाथ थाम कर, प्यार की राहों पे चलना चाहती हूँ , फिर ख़ुशी मिली या दुःख यह मेरा नसीब है ..
रहते हुए इस जहां मे मुद्दत गुज़र गई फिर भी अपने आप को अजनबी पता हु मैं…
-क्या इतने दूर निकल आये है हम, के तेरे ख्यालों में भी नहीं आती .. ‘
~सिगरेट जलाई थी उसकी याद भुलाने के लिये पर कम्भखत धुएं ने भी उसकी तस्वीर बना दी .. ‘
ना मुस्कुराने को जी चाहता है; ना आंसू बहाने को जी चाहता है. लिखूं तो क्या लिखूं तेरी याद में; बस तेरे पास लौट आने को जी चाहता है.
मेरी कोशिश हमेशा से ही नाकाम रही पहले तुजे पाने की अब तुजे भुलाने की
तेरा हाथ थाम कर, प्यार की राहों पे चलना चाहती हूँ , फिर ख़ुशी मिली या दुःख यह मेरा नसीब है ..