निगाहों में दूसरा कोई आए ही न पाया, भरोसा ही कुछ ऐसा था – तेरे लौट आने का..
मेरी आँखों में आँसू नहीं, बस कुछ नमी है, वजह तू नहीं, तेरी ये कमी है.
भरोसे के एहसास पर जिंदा रहती है, मोहब्बत सांसो से तो सिर्फ़ जिस्म चलता हैं..
तुम्हे मिस करती हूं रोज़ मिस करती हूं बहुत मिस करती हूं तुम्हारी कसम.
आप हमसे दूर क्या हुए आपकी यादें हमारे क़रीब आने लगी…. Missing Y❤️u
याद उन्ही की आती है, जिनसे दिल के तालुक हो…… हर किसी से मोहब्बत हो ऐसा तो मुमकिन नहीं….!!
निगाहों में दूसरा कोई आए ही न पाया, भरोसा ही कुछ ऐसा था – तेरे लौट आने का..
मेरी आँखों में आँसू नहीं, बस कुछ नमी है, वजह तू नहीं, तेरी ये कमी है.
भरोसे के एहसास पर जिंदा रहती है, मोहब्बत सांसो से तो सिर्फ़ जिस्म चलता हैं..
तुम्हे मिस करती हूं रोज़ मिस करती हूं बहुत मिस करती हूं तुम्हारी कसम.
आप हमसे दूर क्या हुए आपकी यादें हमारे क़रीब आने लगी…. Missing Y❤️u
याद उन्ही की आती है, जिनसे दिल के तालुक हो…… हर किसी से मोहब्बत हो ऐसा तो मुमकिन नहीं….!!