पता है सॉरी भी आपको हमेशा वही इंसान बोलता है जिसके लिए आप उसकी ईगो.. और सेल्फ रेस्पेक्ट से भी ज्यादा इम्पोर्टेन्ट होते हो उसकी लाइफ में..
चाँद तो हमसे दूर हैं, हम तो तेरे नूर पर फ़िदा हैं, ना जाने तू रूठा क्यूँ हैं हमसे, फिर भी सजा पाने खड़े हैं कबसे..
कुछ इस तरह से मैंने अपनी ज़िन्दगी को आसान किया, कुछ से माफ़ी मांगी, कुछ को माफ़ किया.
हमसे खता हुई है अनजाने में, आगे से ऐसा न करेंगे जाने में, बड़ी मुश्किल से मिले हैं आप, नहीं जाइये छोड़कर हमें इस वीराने में. ऍम सो सॉरी
संध्या की बैचेनी हैं तू, तेरी यादें इस कदर सताती हैं, दौड़ कर चले आते जहाँ हैं तू, काश हम पता जान पाते
माना भूल हो गई हैं हमसे, पर इस तरह रूठों ना मेरे सनम, एक बार नज़रे उठा कर देखों हमें, हम दौबारा ना करेंगे, ये खता, हैं कसम
पता है सॉरी भी आपको हमेशा वही इंसान बोलता है जिसके लिए आप उसकी ईगो.. और सेल्फ रेस्पेक्ट से भी ज्यादा इम्पोर्टेन्ट होते हो उसकी लाइफ में..
चाँद तो हमसे दूर हैं, हम तो तेरे नूर पर फ़िदा हैं, ना जाने तू रूठा क्यूँ हैं हमसे, फिर भी सजा पाने खड़े हैं कबसे..
कुछ इस तरह से मैंने अपनी ज़िन्दगी को आसान किया, कुछ से माफ़ी मांगी, कुछ को माफ़ किया.
हमसे खता हुई है अनजाने में, आगे से ऐसा न करेंगे जाने में, बड़ी मुश्किल से मिले हैं आप, नहीं जाइये छोड़कर हमें इस वीराने में. ऍम सो सॉरी
संध्या की बैचेनी हैं तू, तेरी यादें इस कदर सताती हैं, दौड़ कर चले आते जहाँ हैं तू, काश हम पता जान पाते
माना भूल हो गई हैं हमसे, पर इस तरह रूठों ना मेरे सनम, एक बार नज़रे उठा कर देखों हमें, हम दौबारा ना करेंगे, ये खता, हैं कसम