तुम्हारा ऐटिटूड भी सह लेंगे तुम्हारा खर्चा भी सह लेंगे हर एक बात हमें तेरी मंज़ूर बस एक बात से लगता है डर गुस्सा न होया कर तू.

तुम्हारा ऐटिटूड भी सह लेंगे तुम्हारा खर्चा भी सह लेंगे हर एक बात हमें तेरी मंज़ूर बस एक बात से लगता है डर गुस्सा न होया कर तू.

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झगड़ा तभी होता है जब दर्द होता है, और दर्द तब होता है जब प्यार होता है…

वो गुस्से में दूर से ही निहारा करते हैं, क्या बात हैं जाने क्यूँ इतने खफ़ा लगते हैं, कोई खता हुई हमसे तो बख्श दीजिये, हम तो हर वक्त आप ही को याद किया करते हैं

न कभी मुस्कुराहट तेरे होठों से दूर हो.. तेरी हर ख्वाहिश हक़ीक़त को मंज़ूर हो.. हो जाये जो तू मुझसे खफा.. खुदा न करे मुझसे कभी ऐसा कसूर हो

संध्या की बैचेनी हैं तू, तेरी यादें इस कदर सताती हैं, दौड़ कर चले आते जहाँ हैं तू, काश हम पता जान पाते

जब भरोसा टूट जाता है.. तब सॉरी की कोई वैल्यू नहीं रहती….

रूठ कर हमसे यूँ दूर जा बैठे हैं कहीं उनकी यादें सता रही हैं हमें हर वक्त यहीं कोई उनसे हमारी खता तो पूछ आइये हम सर झुकाये इंतजार में बैठे हैं यही

झगड़ा तभी होता है जब दर्द होता है, और दर्द तब होता है जब प्यार होता है…

वो गुस्से में दूर से ही निहारा करते हैं, क्या बात हैं जाने क्यूँ इतने खफ़ा लगते हैं, कोई खता हुई हमसे तो बख्श दीजिये, हम तो हर वक्त आप ही को याद किया करते हैं

न कभी मुस्कुराहट तेरे होठों से दूर हो.. तेरी हर ख्वाहिश हक़ीक़त को मंज़ूर हो.. हो जाये जो तू मुझसे खफा.. खुदा न करे मुझसे कभी ऐसा कसूर हो

संध्या की बैचेनी हैं तू, तेरी यादें इस कदर सताती हैं, दौड़ कर चले आते जहाँ हैं तू, काश हम पता जान पाते

जब भरोसा टूट जाता है.. तब सॉरी की कोई वैल्यू नहीं रहती….

रूठ कर हमसे यूँ दूर जा बैठे हैं कहीं उनकी यादें सता रही हैं हमें हर वक्त यहीं कोई उनसे हमारी खता तो पूछ आइये हम सर झुकाये इंतजार में बैठे हैं यही