हाल-इ-दिल किससे कहे अपना, वो तो नाराज़ हुए बैठे हैं.. हम तो तैयार हैं मानाने क लिए, फिर भी वो जिद्द पे अड़े बैठे हैं..

हाल-इ-दिल किससे कहे अपना, वो तो नाराज़ हुए बैठे हैं.. हम तो तैयार हैं मानाने क लिए, फिर भी वो जिद्द पे अड़े बैठे हैं..

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इस दिल को किसी की आहट की आस रहती है, निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है, तेरे बिना जिंदगी में कोई कमी तो नहीं, फिर भी तेरे बिना जिंदगी उदास रहती है!!

जब भरोसा टूट जाता है.. तब सॉरी की कोई वैल्यू नहीं रहती….

हमारी गलतियों से कही टूट न जाना, हमारी शरारत से कही रूठ न जाना, तुम्हारा प्यार ही हमारी ज़िन्दगी है, इस प्यारे से बंधन को भूल न जाना .

सितम सारे हमारे, छाँट लिया करो, नाराजगी से अच्छा, डांट लिया करो!!

आसमाँन वीरान है… तारे भी हैरान है… माफ़ कर दो मेरी चांदनी… देखो तेरा चाँद भी तो आंसुओ से परेशान है..

अरे ओ मेरी जाना ऐसे क्यों रूठ जाना…. ऐसा कौन सा हुआ फ़साना की मुझे तुझे पड़ गया मानना… अब बस भी कर मेरी जाना… बोहोत हो गया मुझे तड़पाना… थोड़ी सी तो दया दिखाना… मुझसे जो भी गिला शिकवा है उसे दूर कर जा ना… ओ मेरी जाना प्लीज मुझे माफ कर जा ना…

इस दिल को किसी की आहट की आस रहती है, निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है, तेरे बिना जिंदगी में कोई कमी तो नहीं, फिर भी तेरे बिना जिंदगी उदास रहती है!!

जब भरोसा टूट जाता है.. तब सॉरी की कोई वैल्यू नहीं रहती….

हमारी गलतियों से कही टूट न जाना, हमारी शरारत से कही रूठ न जाना, तुम्हारा प्यार ही हमारी ज़िन्दगी है, इस प्यारे से बंधन को भूल न जाना .

सितम सारे हमारे, छाँट लिया करो, नाराजगी से अच्छा, डांट लिया करो!!

आसमाँन वीरान है… तारे भी हैरान है… माफ़ कर दो मेरी चांदनी… देखो तेरा चाँद भी तो आंसुओ से परेशान है..

अरे ओ मेरी जाना ऐसे क्यों रूठ जाना…. ऐसा कौन सा हुआ फ़साना की मुझे तुझे पड़ गया मानना… अब बस भी कर मेरी जाना… बोहोत हो गया मुझे तड़पाना… थोड़ी सी तो दया दिखाना… मुझसे जो भी गिला शिकवा है उसे दूर कर जा ना… ओ मेरी जाना प्लीज मुझे माफ कर जा ना…