अरे ओ मेरी जाना ऐसे क्यों रूठ जाना…. ऐसा कौन सा हुआ फ़साना की मुझे तुझे पड़ गया मानना… अब बस भी कर मेरी जाना… बोहोत हो गया मुझे तड़पाना… थोड़ी सी तो दया दिखाना… मुझसे जो भी गिला शिकवा है उसे दूर कर जा ना… ओ मेरी जाना प्लीज मुझे माफ कर जा ना…
पता है सॉरी भी आपको हमेशा वही इंसान बोलता है जिसके लिए आप उसकी ईगो.. और सेल्फ रेस्पेक्ट से भी ज्यादा इम्पोर्टेन्ट होते हो उसकी लाइफ में..
वो गुस्से में दूर से ही निहारा करते हैं, क्या बात हैं जाने क्यूँ इतने खफ़ा लगते हैं, कोई खता हुई हमसे तो बख्श दीजिये, हम तो हर वक्त आप ही को याद किया करते हैं
दुनिया का सबसे बेहतरीन रिश्ता वो है जिसमे 1 हलकी सी “मुस्कराहट” और 1 मामूली सी “सॉरी” होती है.!
न कभी मुस्कुराहट तेरे होठों से दूर हो.. तेरी हर ख्वाहिश हक़ीक़त को मंज़ूर हो.. हो जाये जो तू मुझसे खफा.. खुदा न करे मुझसे कभी ऐसा कसूर हो
माना भूल हो गई हैं हमसे, पर इस तरह रूठों ना मेरे सनम, एक बार नज़रे उठा कर देखों हमें, हम दौबारा ना करेंगे, ये खता, हैं कसम
अरे ओ मेरी जाना ऐसे क्यों रूठ जाना…. ऐसा कौन सा हुआ फ़साना की मुझे तुझे पड़ गया मानना… अब बस भी कर मेरी जाना… बोहोत हो गया मुझे तड़पाना… थोड़ी सी तो दया दिखाना… मुझसे जो भी गिला शिकवा है उसे दूर कर जा ना… ओ मेरी जाना प्लीज मुझे माफ कर जा ना…
पता है सॉरी भी आपको हमेशा वही इंसान बोलता है जिसके लिए आप उसकी ईगो.. और सेल्फ रेस्पेक्ट से भी ज्यादा इम्पोर्टेन्ट होते हो उसकी लाइफ में..
वो गुस्से में दूर से ही निहारा करते हैं, क्या बात हैं जाने क्यूँ इतने खफ़ा लगते हैं, कोई खता हुई हमसे तो बख्श दीजिये, हम तो हर वक्त आप ही को याद किया करते हैं
दुनिया का सबसे बेहतरीन रिश्ता वो है जिसमे 1 हलकी सी “मुस्कराहट” और 1 मामूली सी “सॉरी” होती है.!
न कभी मुस्कुराहट तेरे होठों से दूर हो.. तेरी हर ख्वाहिश हक़ीक़त को मंज़ूर हो.. हो जाये जो तू मुझसे खफा.. खुदा न करे मुझसे कभी ऐसा कसूर हो
माना भूल हो गई हैं हमसे, पर इस तरह रूठों ना मेरे सनम, एक बार नज़रे उठा कर देखों हमें, हम दौबारा ना करेंगे, ये खता, हैं कसम