वो गुस्से में दूर से ही निहारा करते हैं, क्या बात हैं जाने क्यूँ इतने खफ़ा लगते हैं, कोई खता हुई हमसे तो बख्श दीजिये, हम तो हर वक्त आप ही को याद किया करते हैं
उसकी खुशियों के लिए लड़ें थे दुनियाँ से, आज वो ही हमसे खफ़ा बैठे हैं, क्या गुनाह हो गया हैं हमसे, हम सर झुकायें सजा पाने बैठे हैं.
दिल अनजाने में टूट जाते हैं हमसे…. क्युकी झूठी कहानी, बोल के मनना मेरी आदत नहीं….. मुझे माफ़ कर दो… क्युकी तुझे रुलाना मेरी आदत नहीं…
दिन चढ़ा, दिन ढला, पर मेरा दिल उदास ही था, मुझसे कोई बहुत नाराज हैं, इसलिए आज हर पंछी उदास था.
शब्दों का जाल कुछ गलत बुन लिया, पर मेरे दिल में वैसी बात ना थी, शर्मिंदा हूँ खुद अपने अल्फाजों के लिए, क्यूंकि खुद से ऐसी उम्मीद ना थी..
हमारी गलतियों से कही टूट न जाना, हमारी शरारत से कही रूठ न जाना, तुम्हारा प्यार ही हमारी ज़िन्दगी है, इस प्यारे से बंधन को भूल न जाना .
वो गुस्से में दूर से ही निहारा करते हैं, क्या बात हैं जाने क्यूँ इतने खफ़ा लगते हैं, कोई खता हुई हमसे तो बख्श दीजिये, हम तो हर वक्त आप ही को याद किया करते हैं
उसकी खुशियों के लिए लड़ें थे दुनियाँ से, आज वो ही हमसे खफ़ा बैठे हैं, क्या गुनाह हो गया हैं हमसे, हम सर झुकायें सजा पाने बैठे हैं.
दिल अनजाने में टूट जाते हैं हमसे…. क्युकी झूठी कहानी, बोल के मनना मेरी आदत नहीं….. मुझे माफ़ कर दो… क्युकी तुझे रुलाना मेरी आदत नहीं…
दिन चढ़ा, दिन ढला, पर मेरा दिल उदास ही था, मुझसे कोई बहुत नाराज हैं, इसलिए आज हर पंछी उदास था.
शब्दों का जाल कुछ गलत बुन लिया, पर मेरे दिल में वैसी बात ना थी, शर्मिंदा हूँ खुद अपने अल्फाजों के लिए, क्यूंकि खुद से ऐसी उम्मीद ना थी..
हमारी गलतियों से कही टूट न जाना, हमारी शरारत से कही रूठ न जाना, तुम्हारा प्यार ही हमारी ज़िन्दगी है, इस प्यारे से बंधन को भूल न जाना .