शब्दों का जाल कुछ गलत बुन लिया, पर मेरे दिल में वैसी बात ना थी, शर्मिंदा हूँ खुद अपने अल्फाजों के लिए, क्यूंकि खुद से ऐसी उम्मीद ना थी..
जब भरोसा टूट जाता है.. तब सॉरी की कोई वैल्यू नहीं रहती….
इस दिल को किसी की आहट की आस रहती है, निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है, तेरे बिना जिंदगी में कोई कमी तो नहीं, फिर भी तेरे बिना जिंदगी उदास रहती है!!
रूठ कर हमसे यूँ दूर जा बैठे हैं कहीं उनकी यादें सता रही हैं हमें हर वक्त यहीं कोई उनसे हमारी खता तो पूछ आइये हम सर झुकाये इंतजार में बैठे हैं यही
उसकी खुशियों के लिए लड़ें थे दुनियाँ से, आज वो ही हमसे खफ़ा बैठे हैं, क्या गुनाह हो गया हैं हमसे, हम सर झुकायें सजा पाने बैठे हैं.
दिल अनजाने में टूट जाते हैं हमसे…. क्युकी झूठी कहानी, बोल के मनना मेरी आदत नहीं….. मुझे माफ़ कर दो… क्युकी तुझे रुलाना मेरी आदत नहीं…
शब्दों का जाल कुछ गलत बुन लिया, पर मेरे दिल में वैसी बात ना थी, शर्मिंदा हूँ खुद अपने अल्फाजों के लिए, क्यूंकि खुद से ऐसी उम्मीद ना थी..
जब भरोसा टूट जाता है.. तब सॉरी की कोई वैल्यू नहीं रहती….
इस दिल को किसी की आहट की आस रहती है, निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है, तेरे बिना जिंदगी में कोई कमी तो नहीं, फिर भी तेरे बिना जिंदगी उदास रहती है!!
रूठ कर हमसे यूँ दूर जा बैठे हैं कहीं उनकी यादें सता रही हैं हमें हर वक्त यहीं कोई उनसे हमारी खता तो पूछ आइये हम सर झुकाये इंतजार में बैठे हैं यही
उसकी खुशियों के लिए लड़ें थे दुनियाँ से, आज वो ही हमसे खफ़ा बैठे हैं, क्या गुनाह हो गया हैं हमसे, हम सर झुकायें सजा पाने बैठे हैं.
दिल अनजाने में टूट जाते हैं हमसे…. क्युकी झूठी कहानी, बोल के मनना मेरी आदत नहीं….. मुझे माफ़ कर दो… क्युकी तुझे रुलाना मेरी आदत नहीं…