माना कि हम बहुत लड़ते हे मगर प्यार भी बहुत करते है हमारे गुस्से की वजह से नाराज न हो जाना हम गुस्सा ऊपर से और प्यार दिल्से करते हे. सॉरी जी कान पकड़ते है :

माना कि हम बहुत लड़ते हे मगर प्यार भी बहुत करते है हमारे गुस्से की वजह से नाराज न हो जाना हम गुस्सा ऊपर से और प्यार दिल्से करते हे. सॉरी जी कान पकड़ते है :

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दिल उदास हैं तेरे चले जाने स, हो सके तो मुसाफ़िर तू लौट आ, तेरे क़दमों में सर झुकाये खड़े हैं हम, तू बस एक बार सजा तो सुना जा.

हम से कोई गिला हो जाए तो सॉरी, आपको याद ना कर पाए तो सॉरी, वैसे दिल से आपको भूलेंगे नहीं, और हमारी धड़कन ही रुक जाए तो सॉरी…..

शब्दों का जाल कुछ गलत बुन लिया, पर मेरे दिल में वैसी बात ना थी, शर्मिंदा हूँ खुद अपने अल्फाजों के लिए, क्यूंकि खुद से ऐसी उम्मीद ना थी..

हमसे खता हुई है अनजाने में, आगे से ऐसा न करेंगे जाने में, बड़ी मुश्किल से मिले हैं आप, नहीं जाइये छोड़कर हमें इस वीराने में. ऍम सो सॉरी

न कभी मुस्कुराहट तेरे होठों से दूर हो.. तेरी हर ख्वाहिश हक़ीक़त को मंज़ूर हो.. हो जाये जो तू मुझसे खफा.. खुदा न करे मुझसे कभी ऐसा कसूर हो

रूठी हो जनता हु मै, खफा हो मानता हु मै, गलती हुई है अब माफ़ कर दो, इतना सितम करोगे तो कही मर जाऊ न मैं.

दिल उदास हैं तेरे चले जाने स, हो सके तो मुसाफ़िर तू लौट आ, तेरे क़दमों में सर झुकाये खड़े हैं हम, तू बस एक बार सजा तो सुना जा.

हम से कोई गिला हो जाए तो सॉरी, आपको याद ना कर पाए तो सॉरी, वैसे दिल से आपको भूलेंगे नहीं, और हमारी धड़कन ही रुक जाए तो सॉरी…..

शब्दों का जाल कुछ गलत बुन लिया, पर मेरे दिल में वैसी बात ना थी, शर्मिंदा हूँ खुद अपने अल्फाजों के लिए, क्यूंकि खुद से ऐसी उम्मीद ना थी..

हमसे खता हुई है अनजाने में, आगे से ऐसा न करेंगे जाने में, बड़ी मुश्किल से मिले हैं आप, नहीं जाइये छोड़कर हमें इस वीराने में. ऍम सो सॉरी

न कभी मुस्कुराहट तेरे होठों से दूर हो.. तेरी हर ख्वाहिश हक़ीक़त को मंज़ूर हो.. हो जाये जो तू मुझसे खफा.. खुदा न करे मुझसे कभी ऐसा कसूर हो

रूठी हो जनता हु मै, खफा हो मानता हु मै, गलती हुई है अब माफ़ कर दो, इतना सितम करोगे तो कही मर जाऊ न मैं.