ये माना कि बड़े ही बदनाम है हम, कर जाते ह सररत क्यू की इंसान है हम, लगाया न करिये हमारी बातों को दिलसे, आपको तो पता ह कितने नादान हैं हम! सॉरी :
चाँद तो हमसे दूर हैं, हम तो तेरे नूर पर फ़िदा हैं, ना जाने तू रूठा क्यूँ हैं हमसे, फिर भी सजा पाने खड़े हैं कबसे..
इस दिल को किसी की आहट की आस रहती है, निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है, तेरे बिना जिंदगी में कोई कमी तो नहीं, फिर भी तेरे बिना जिंदगी उदास रहती है!!
दिल उदास हैं तेरे चले जाने स, हो सके तो मुसाफ़िर तू लौट आ, तेरे क़दमों में सर झुकाये खड़े हैं हम, तू बस एक बार सजा तो सुना जा.
उसकी खुशियों के लिए लड़ें थे दुनियाँ से, आज वो ही हमसे खफ़ा बैठे हैं, क्या गुनाह हो गया हैं हमसे, हम सर झुकायें सजा पाने बैठे हैं.
छोटी बातों पे तकरार न किआ करो, हर मजाक को दिल पे न लिअ करो, क्या पता साथ है और कितने दिन का, इन पलो को तो प्यार से हमारे साथ जिया करो.
ये माना कि बड़े ही बदनाम है हम, कर जाते ह सररत क्यू की इंसान है हम, लगाया न करिये हमारी बातों को दिलसे, आपको तो पता ह कितने नादान हैं हम! सॉरी :
चाँद तो हमसे दूर हैं, हम तो तेरे नूर पर फ़िदा हैं, ना जाने तू रूठा क्यूँ हैं हमसे, फिर भी सजा पाने खड़े हैं कबसे..
इस दिल को किसी की आहट की आस रहती है, निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है, तेरे बिना जिंदगी में कोई कमी तो नहीं, फिर भी तेरे बिना जिंदगी उदास रहती है!!
दिल उदास हैं तेरे चले जाने स, हो सके तो मुसाफ़िर तू लौट आ, तेरे क़दमों में सर झुकाये खड़े हैं हम, तू बस एक बार सजा तो सुना जा.
उसकी खुशियों के लिए लड़ें थे दुनियाँ से, आज वो ही हमसे खफ़ा बैठे हैं, क्या गुनाह हो गया हैं हमसे, हम सर झुकायें सजा पाने बैठे हैं.
छोटी बातों पे तकरार न किआ करो, हर मजाक को दिल पे न लिअ करो, क्या पता साथ है और कितने दिन का, इन पलो को तो प्यार से हमारे साथ जिया करो.