अरे ओ मेरी जाना ऐसे क्यों रूठ जाना…. ऐसा कौन सा हुआ फ़साना की मुझे तुझे पड़ गया मानना… अब बस भी कर मेरी जाना… बोहोत हो गया मुझे तड़पाना… थोड़ी सी तो दया दिखाना… मुझसे जो भी गिला शिकवा है उसे दूर कर जा ना… ओ मेरी जाना प्लीज मुझे माफ कर जा ना…

अरे ओ मेरी जाना ऐसे क्यों रूठ जाना…. ऐसा कौन सा हुआ फ़साना की मुझे तुझे पड़ गया मानना… अब बस भी कर मेरी जाना… बोहोत हो गया मुझे तड़पाना… थोड़ी सी तो दया दिखाना… मुझसे जो भी गिला शिकवा है उसे दूर कर जा ना… ओ मेरी जाना प्लीज मुझे माफ कर जा ना…

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संध्या की बैचेनी हैं तू, तेरी यादें इस कदर सताती हैं, दौड़ कर चले आते जहाँ हैं तू, काश हम पता जान पाते

छोटी बातों पे तकरार न किआ करो, हर मजाक को दिल पे न लिअ करो, क्या पता साथ है और कितने दिन का, इन पलो को तो प्यार से हमारे साथ जिया करो.

ये माना कि बड़े ही बदनाम है हम, कर जाते ह सररत क्यू की इंसान है हम, लगाया न करिये हमारी बातों को दिलसे, आपको तो पता ह कितने नादान हैं हम! सॉरी :

दिल अनजाने में टूट जाते हैं हमसे…. क्युकी झूठी कहानी, बोल के मनना मेरी आदत नहीं….. मुझे माफ़ कर दो… क्युकी तुझे रुलाना मेरी आदत नहीं…

सोचता हूँ ज़िंदा हूँ मांग लूं सब से माफ़ी, नजाने मरने के बाद कोई माफ़ करे या न करे. स्पेशल सॉरी टु यू..

अगर तुम देखना चाहो मेरे आँखों मै आंसु, तो मै रो रो के कहता हूं “चलो बस अब मान जाओ न”

संध्या की बैचेनी हैं तू, तेरी यादें इस कदर सताती हैं, दौड़ कर चले आते जहाँ हैं तू, काश हम पता जान पाते

छोटी बातों पे तकरार न किआ करो, हर मजाक को दिल पे न लिअ करो, क्या पता साथ है और कितने दिन का, इन पलो को तो प्यार से हमारे साथ जिया करो.

ये माना कि बड़े ही बदनाम है हम, कर जाते ह सररत क्यू की इंसान है हम, लगाया न करिये हमारी बातों को दिलसे, आपको तो पता ह कितने नादान हैं हम! सॉरी :

दिल अनजाने में टूट जाते हैं हमसे…. क्युकी झूठी कहानी, बोल के मनना मेरी आदत नहीं….. मुझे माफ़ कर दो… क्युकी तुझे रुलाना मेरी आदत नहीं…

सोचता हूँ ज़िंदा हूँ मांग लूं सब से माफ़ी, नजाने मरने के बाद कोई माफ़ करे या न करे. स्पेशल सॉरी टु यू..

अगर तुम देखना चाहो मेरे आँखों मै आंसु, तो मै रो रो के कहता हूं “चलो बस अब मान जाओ न”