समंदर भर सिलेबस होता है, नदी भर पढ़ पाते हैं, बाल्टी भर याद रहता है, चुल्लू भर नंबर आते हैं, जिसमें हम डूब जाते हैं.

समंदर भर सिलेबस होता है, नदी भर पढ़ पाते हैं, बाल्टी भर याद रहता है, चुल्लू भर नंबर आते हैं, जिसमें हम डूब जाते हैं.

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इस Exam का सितम देता हैं बहुत पीड़ा!! अच्छे-अच्छे को बना देता हैं किताबी कीड़ा!!

निगाहें आज भी उस शख्स को शिद्दत से तलाश करती हैं, जिसने कहा था, बस दसवी कर लो, आगे पढाई आसान है.

निर्णय लेना और असफल हो जाना!! इससे एक बात तो स्पष्ट है!! की आप उस भीड़ का हिस्सा नहीं है!! जो असफल होने के डर से निर्णय ही नहीं ले पाते है!!

लिखो तो एग्जाम में कुछ ऐसा लिखो, की पेन भी रोने पर मजबूर हो जाए, हर उत्तर में वो दर्द भर दो, की चेक करने वाला डिप्रेशन खा के सो जाए.

क्रिकेट खेला करो!! अनुष्का मिलेगी!! पढ़ाई लिखाई से तो!! मंजुडी, संजुडी, ही मिलेगी!!

कह दो उन पढ़ने वालो से कभी हम भी पढ़ा करते थे, जितना सिलेबस पढ़ के वो टॉप करते है उतना तो हम चॉइस में छोड़ दिया करते थे.

इस Exam का सितम देता हैं बहुत पीड़ा!! अच्छे-अच्छे को बना देता हैं किताबी कीड़ा!!

निगाहें आज भी उस शख्स को शिद्दत से तलाश करती हैं, जिसने कहा था, बस दसवी कर लो, आगे पढाई आसान है.

निर्णय लेना और असफल हो जाना!! इससे एक बात तो स्पष्ट है!! की आप उस भीड़ का हिस्सा नहीं है!! जो असफल होने के डर से निर्णय ही नहीं ले पाते है!!

लिखो तो एग्जाम में कुछ ऐसा लिखो, की पेन भी रोने पर मजबूर हो जाए, हर उत्तर में वो दर्द भर दो, की चेक करने वाला डिप्रेशन खा के सो जाए.

क्रिकेट खेला करो!! अनुष्का मिलेगी!! पढ़ाई लिखाई से तो!! मंजुडी, संजुडी, ही मिलेगी!!

कह दो उन पढ़ने वालो से कभी हम भी पढ़ा करते थे, जितना सिलेबस पढ़ के वो टॉप करते है उतना तो हम चॉइस में छोड़ दिया करते थे.