यह एग्जाम का रिश्ता भी अजीब होता हैं!! सब अपना-अपना नसीब होता हैं!! रह जाता हैं जो निगाहों से दूर!! वही प्रश्न कम्पलसरी हो जाता हैं!!
लिखना पढ़ना छोड़ दे बन्दे भगवान पर रख आस!! चादर उठा और आराम से सो जा भगवान करेंगे पास!!
एक विद्यार्थी की दर्द भरी शायरी!! स्टूडेंट्स के दर्द को यह स्कूल वाले क्या जाने!! क्लास के रिवाज़ों से सब माँ-बाप हैं अनजाने!! होती है कितनी तकलीफ एक पेपर लिखने में!! ये दर्द वो पेपर चेक करने वाला क्या जाने!!
पढ़ना लिखना त्याग, नक़ल से रख आस, ओढ़ रजाई सो जा बेटा, रब करेगा पास।
Fire को आग कहते हैं!! Cobra को नाग कहते हैं!! Garden को बाग़ कहते हैं!! और “Exam” के समय जो काम ना आये!! उसे स्टूडेंट का “Dimag” कहते हैं!!
अगर एक अकेला टीचर सारे विषय नहीं पढ़ा सकता तो! ऐसी उम्मीद क्यों करते हैं कि एक विद्यार्थी सारे विषय पढ़े! “जागो बच्चों जागो”
यह एग्जाम का रिश्ता भी अजीब होता हैं!! सब अपना-अपना नसीब होता हैं!! रह जाता हैं जो निगाहों से दूर!! वही प्रश्न कम्पलसरी हो जाता हैं!!
लिखना पढ़ना छोड़ दे बन्दे भगवान पर रख आस!! चादर उठा और आराम से सो जा भगवान करेंगे पास!!
एक विद्यार्थी की दर्द भरी शायरी!! स्टूडेंट्स के दर्द को यह स्कूल वाले क्या जाने!! क्लास के रिवाज़ों से सब माँ-बाप हैं अनजाने!! होती है कितनी तकलीफ एक पेपर लिखने में!! ये दर्द वो पेपर चेक करने वाला क्या जाने!!
पढ़ना लिखना त्याग, नक़ल से रख आस, ओढ़ रजाई सो जा बेटा, रब करेगा पास।
Fire को आग कहते हैं!! Cobra को नाग कहते हैं!! Garden को बाग़ कहते हैं!! और “Exam” के समय जो काम ना आये!! उसे स्टूडेंट का “Dimag” कहते हैं!!
अगर एक अकेला टीचर सारे विषय नहीं पढ़ा सकता तो! ऐसी उम्मीद क्यों करते हैं कि एक विद्यार्थी सारे विषय पढ़े! “जागो बच्चों जागो”