रोता देखकर वो ये कह के चल दिए कि, रोता तो हर कोई है क्या हम सब के हो जाएँ

रोता देखकर वो ये कह के चल दिए कि, रोता तो हर कोई है क्या हम सब के हो जाएँ

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जहर में उतना जहर नहीं होगा, जितना जहर कुछ लोग दूसरों के लिए अपने अंदर रखते है

“वो रोए तो बहुत, पर मुझसे मूह मोड़ कर रोए, कोई मजबूरी होगी तो दिल तोड़ कर रोए

माफ़ी गलती की होती है, ज़िंदा लाश बनाने की नहीं

सोचते है, अब हम भी सीख ले यारों बेरुखी करना..सबको मोहब्बत देते-देते, हमने अपनी कदर खो दी है

आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है, "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है

किताबों सी शख्सियत दे दे मालिक...सब कुछ बोल दूँ खामोश रहकर....

जहर में उतना जहर नहीं होगा, जितना जहर कुछ लोग दूसरों के लिए अपने अंदर रखते है

“वो रोए तो बहुत, पर मुझसे मूह मोड़ कर रोए, कोई मजबूरी होगी तो दिल तोड़ कर रोए

माफ़ी गलती की होती है, ज़िंदा लाश बनाने की नहीं

सोचते है, अब हम भी सीख ले यारों बेरुखी करना..सबको मोहब्बत देते-देते, हमने अपनी कदर खो दी है

आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है, "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है

किताबों सी शख्सियत दे दे मालिक...सब कुछ बोल दूँ खामोश रहकर....