एहसासों की नमी बेहद जरुरी है हर रिश्ते में ,,रेत भी सूखी हो तो हाथों से फिसल जाती है !!
पता नहीं क्यों मोहब्बत उस शख्स से हो जाती है जिसे हमारी बिलकुल क़दर नहीं होती न हमारी मोहब्बत की न हमारे एहसास की
नाराज़ होने का शौक भी पूरा कर लो तुम लगता है हम तुम्हें ज़िन्दा अच्छे नहीं लगते
एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से
तेरी कसम सिर्फ तेरे हैं हम
सब अपने से लगते है, लेकिन सिर्फ बातों से ..!
एहसासों की नमी बेहद जरुरी है हर रिश्ते में ,,रेत भी सूखी हो तो हाथों से फिसल जाती है !!
पता नहीं क्यों मोहब्बत उस शख्स से हो जाती है जिसे हमारी बिलकुल क़दर नहीं होती न हमारी मोहब्बत की न हमारे एहसास की
नाराज़ होने का शौक भी पूरा कर लो तुम लगता है हम तुम्हें ज़िन्दा अच्छे नहीं लगते
एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से
तेरी कसम सिर्फ तेरे हैं हम
सब अपने से लगते है, लेकिन सिर्फ बातों से ..!