बेशक खूबसूरत तो वो आज भी है, लेकिन चेहरे पर वो मुस्कान नहीं, जो हम लाया करते थे…!
थम के रह जाती है ज़िंदगी जब जम के बरसती है पुरानी यादें
मुस्कुराना तो सीखना पड़ता हैं, रोना तो लोग सीखा देते हैं..
ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए
कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया
दिमाग पर ज़ोर लगाकर गिनते हो गलतियां मेरी कभी दिल पर हाथ रख के पूछना कसूर किसका है
बेशक खूबसूरत तो वो आज भी है, लेकिन चेहरे पर वो मुस्कान नहीं, जो हम लाया करते थे…!
थम के रह जाती है ज़िंदगी जब जम के बरसती है पुरानी यादें
मुस्कुराना तो सीखना पड़ता हैं, रोना तो लोग सीखा देते हैं..
ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए
कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया
दिमाग पर ज़ोर लगाकर गिनते हो गलतियां मेरी कभी दिल पर हाथ रख के पूछना कसूर किसका है