खुद से होती है जाने शिकायतें कितनी.....जिन्हें किसी से.... कोई शिकायत नहीं होती

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जरा देखो तो, ये दरवाजे पर दस्तक किसने दी है! 'इश्क' हो तो कहना, अब दिल यहाँ नहीं रहता…

बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |

प्यार तो अमीरो से होता है हम गरीबो सा तो मजाक होता है

मैंने दोस्ती माँगी थी वो इश्क़ देकर बर्बाद कर गया

एक सवाल था तुझसे क्या तुझे सच मैं प्यार था मुझसे.

तुम मोहबत भी मौसम की तरह निभाते हो, कभी बरसते हो कभी एक बूंद को तरसाते हो

जरा देखो तो, ये दरवाजे पर दस्तक किसने दी है! 'इश्क' हो तो कहना, अब दिल यहाँ नहीं रहता…

बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |

प्यार तो अमीरो से होता है हम गरीबो सा तो मजाक होता है

मैंने दोस्ती माँगी थी वो इश्क़ देकर बर्बाद कर गया

एक सवाल था तुझसे क्या तुझे सच मैं प्यार था मुझसे.

तुम मोहबत भी मौसम की तरह निभाते हो, कभी बरसते हो कभी एक बूंद को तरसाते हो