हमे बुरा न समझो जनाब हम दर्द लिखते है देते नहीं.

हमे बुरा न समझो जनाब हम दर्द लिखते है देते नहीं.

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वहां तक तो साथ चलो जहाँ तक साथ मुमकिन है, जहाँ हालात बदलेंगे वहां तुम भी बदल जाना.

एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है

रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......

जब लोगों के दिल भर जाते हैं..... तो दूर जाने के बहाने अपने आप मिल जाते हैं.....!

फरक तो उन्हें पढता है जिनके पास एक हो उन्हें क्या फरक पढ़ेगा जिनके पास हजारों हैं

जिनसे दूर नहीं रह पाते, उन्हें से से दूर हो जाते हैं.

वहां तक तो साथ चलो जहाँ तक साथ मुमकिन है, जहाँ हालात बदलेंगे वहां तुम भी बदल जाना.

एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है

रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......

जब लोगों के दिल भर जाते हैं..... तो दूर जाने के बहाने अपने आप मिल जाते हैं.....!

फरक तो उन्हें पढता है जिनके पास एक हो उन्हें क्या फरक पढ़ेगा जिनके पास हजारों हैं

जिनसे दूर नहीं रह पाते, उन्हें से से दूर हो जाते हैं.