ऐसी कोई किताब मिलती जिस पर हम दिल लुटा देते! हर एक बिषय ने दिमाग खाया है मेरा!! किसी एक को तो निपटा देते हम! अब स्लेबस देखकर ये सोचते हैं कि!! एक महीना और होता तो दुनिया हिला देते!! इम्तिहानों की शुभ कामनाएं!!
समंदर जितना सिलेबस है!! नदी जितना पढ़ पाते हैं!! बाल्टी जितना याद रख पाते हैं!! गिलास जितना लिख पाते हैं!! और चुल्लू भर नंबर आते हैं!!
ना जाने क्या दर्द दिया हैं इस एग्जाम ने!! न सोया जाए न रोया जाय!!
जब Question पेपर हो आउट ऑफ कंट्रोल!! आंसर शीट को करके फोल्ड!! एयरोप्लेन बना के बोल!! भैया आल इज फेल!!
यह एग्जाम का रिश्ता भी अजीब होता हैं!! सब अपना-अपना नसीब होता हैं!! रह जाता हैं जो निगाहों से दूर!! वही प्रश्न कम्पलसरी हो जाता हैं!!
पढ़ाई रह जाती है सिर्फ दिखावे की!! और फिर हाल-ए-दिल!! मार्कशीट पर बयाँ होता है!!
ऐसी कोई किताब मिलती जिस पर हम दिल लुटा देते! हर एक बिषय ने दिमाग खाया है मेरा!! किसी एक को तो निपटा देते हम! अब स्लेबस देखकर ये सोचते हैं कि!! एक महीना और होता तो दुनिया हिला देते!! इम्तिहानों की शुभ कामनाएं!!
समंदर जितना सिलेबस है!! नदी जितना पढ़ पाते हैं!! बाल्टी जितना याद रख पाते हैं!! गिलास जितना लिख पाते हैं!! और चुल्लू भर नंबर आते हैं!!
ना जाने क्या दर्द दिया हैं इस एग्जाम ने!! न सोया जाए न रोया जाय!!
जब Question पेपर हो आउट ऑफ कंट्रोल!! आंसर शीट को करके फोल्ड!! एयरोप्लेन बना के बोल!! भैया आल इज फेल!!
यह एग्जाम का रिश्ता भी अजीब होता हैं!! सब अपना-अपना नसीब होता हैं!! रह जाता हैं जो निगाहों से दूर!! वही प्रश्न कम्पलसरी हो जाता हैं!!
पढ़ाई रह जाती है सिर्फ दिखावे की!! और फिर हाल-ए-दिल!! मार्कशीट पर बयाँ होता है!!