जहां दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाए!! वहां खुद को समझा लेना बेहतर होता है!!
लिखो तो एग्जाम में कुछ ऐसा लिखो, की पेन भी रोने पर मजबूर हो जाए, हर उत्तर में वो दर्द भर दो, की चेक करने वाला डिप्रेशन खा के सो जाए.
निर्णय लेना और असफल हो जाना!! इससे एक बात तो स्पष्ट है!! की आप उस भीड़ का हिस्सा नहीं है!! जो असफल होने के डर से निर्णय ही नहीं ले पाते है!!
ना वक्त है इतना कि Syllabus पूरा किया जाएँ!! ना तरकीब कोई की Exam पास किया जाएँ!! न जाने कोन-सा दर्द दिया है इस पढ़ाई ने!! ना रोया जाए और ना सोया जाएँ!!
बहुत दर्द होता है जब अध्यापिका बोलती है!! कि तुम्हारा और तुम्हारे आगे वाले का जवाब एक है!!
लिखना पढ़ना छोड़ दे बन्दे भगवान पर रख आस!! चादर उठा और आराम से सो जा भगवान करेंगे पास!!
जहां दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाए!! वहां खुद को समझा लेना बेहतर होता है!!
लिखो तो एग्जाम में कुछ ऐसा लिखो, की पेन भी रोने पर मजबूर हो जाए, हर उत्तर में वो दर्द भर दो, की चेक करने वाला डिप्रेशन खा के सो जाए.
निर्णय लेना और असफल हो जाना!! इससे एक बात तो स्पष्ट है!! की आप उस भीड़ का हिस्सा नहीं है!! जो असफल होने के डर से निर्णय ही नहीं ले पाते है!!
ना वक्त है इतना कि Syllabus पूरा किया जाएँ!! ना तरकीब कोई की Exam पास किया जाएँ!! न जाने कोन-सा दर्द दिया है इस पढ़ाई ने!! ना रोया जाए और ना सोया जाएँ!!
बहुत दर्द होता है जब अध्यापिका बोलती है!! कि तुम्हारा और तुम्हारे आगे वाले का जवाब एक है!!
लिखना पढ़ना छोड़ दे बन्दे भगवान पर रख आस!! चादर उठा और आराम से सो जा भगवान करेंगे पास!!