पढ़ाई रह जाती है सिर्फ दिखावे की!! और फिर हाल-ए-दिल!! मार्कशीट पर बयाँ होता है!!
हर तरफ पढ़ाई का साया है!! हर पेपर में जीरो आया है!!
मैं ये सोचकर पेपर खाली छोड़ आया हूं कि कही टीचर ये ना कहे की बड़ों को जवाब देता है ।
इंसान पढाई सिर्फ दो वजहों से ही करता है या तो शौक से या फिर डर से, शोक हमें पढाई का है नहीं और डरते हम किसी के बाप से भी नहीं.
दिन में चैन नहीं, रात में नींद नहीं, जी ना लगे कहीं, इ-खुदा क्या यही प्यार है? खुदा: नहीं बेटा, सभी एग्जाम वालों का यही हाल है.
हम तो यूहीं चले जाते हैं बिना मुंह धोये ही!! और लोग कहते हैं!! साला रात भर पढ़कर आया है!!
पढ़ाई रह जाती है सिर्फ दिखावे की!! और फिर हाल-ए-दिल!! मार्कशीट पर बयाँ होता है!!
हर तरफ पढ़ाई का साया है!! हर पेपर में जीरो आया है!!
मैं ये सोचकर पेपर खाली छोड़ आया हूं कि कही टीचर ये ना कहे की बड़ों को जवाब देता है ।
इंसान पढाई सिर्फ दो वजहों से ही करता है या तो शौक से या फिर डर से, शोक हमें पढाई का है नहीं और डरते हम किसी के बाप से भी नहीं.
दिन में चैन नहीं, रात में नींद नहीं, जी ना लगे कहीं, इ-खुदा क्या यही प्यार है? खुदा: नहीं बेटा, सभी एग्जाम वालों का यही हाल है.
हम तो यूहीं चले जाते हैं बिना मुंह धोये ही!! और लोग कहते हैं!! साला रात भर पढ़कर आया है!!