दिन में चैन नहीं, रात में नींद नहीं, जी ना लगे कहीं, इ-खुदा क्या यही प्यार है? खुदा: नहीं बेटा, सभी एग्जाम वालों का यही हाल है.
मैं एग्जाम में फ़ैल नहीं हुवा बस मेरी डिग्री कुछ समय के लिए पोस्टपोन हो गयी हैं ।
कह दो उन पढ़ने वालो से कभी हम भी पढ़ा करते थे, जितना सिलेबस पढ़ के वो टॉप करते है उतना तो हम चॉइस में छोड़ दिया करते थे.
इतने भ्रम टूटे एक और भ्रम टूट गया , जिस subject का exam नहीं दिया उसी में पास हो गया ।
“वो एग्जाम की लास्ट मिनिट जब सब को माता आ जाती है”
मैं ये सोचकर पेपर खाली छोड़ आया हूं कि कही टीचर ये ना कहे की बड़ों को जवाब देता है ।
दिन में चैन नहीं, रात में नींद नहीं, जी ना लगे कहीं, इ-खुदा क्या यही प्यार है? खुदा: नहीं बेटा, सभी एग्जाम वालों का यही हाल है.
मैं एग्जाम में फ़ैल नहीं हुवा बस मेरी डिग्री कुछ समय के लिए पोस्टपोन हो गयी हैं ।
कह दो उन पढ़ने वालो से कभी हम भी पढ़ा करते थे, जितना सिलेबस पढ़ के वो टॉप करते है उतना तो हम चॉइस में छोड़ दिया करते थे.
इतने भ्रम टूटे एक और भ्रम टूट गया , जिस subject का exam नहीं दिया उसी में पास हो गया ।
“वो एग्जाम की लास्ट मिनिट जब सब को माता आ जाती है”
मैं ये सोचकर पेपर खाली छोड़ आया हूं कि कही टीचर ये ना कहे की बड़ों को जवाब देता है ।