हर तरफ पढ़ाई का साया है!! हर पेपर में जीरो आया है!!
लिखो तो एग्जाम में कुछ ऐसा लिखो, की पेन भी रोने पर मजबूर हो जाए, हर उत्तर में वो दर्द भर दो, की चेक करने वाला डिप्रेशन खा के सो जाए.
समंदर भर सिलेबस होता है, नदी भर पढ़ पाते हैं, बाल्टी भर याद रहता है, चुल्लू भर नंबर आते हैं, जिसमें हम डूब जाते हैं.
निर्णय लेना और असफल हो जाना!! इससे एक बात तो स्पष्ट है!! की आप उस भीड़ का हिस्सा नहीं है!! जो असफल होने के डर से निर्णय ही नहीं ले पाते है!!
Exam सबके अच्छे जाते है!! न जाने Result क्यों खराब आते हैं!!
जो नींद एग्जाम की रात आती हैं!! वो नींद “नींद” की गोली खाने से भी नहीं आती हैं!!
हर तरफ पढ़ाई का साया है!! हर पेपर में जीरो आया है!!
लिखो तो एग्जाम में कुछ ऐसा लिखो, की पेन भी रोने पर मजबूर हो जाए, हर उत्तर में वो दर्द भर दो, की चेक करने वाला डिप्रेशन खा के सो जाए.
समंदर भर सिलेबस होता है, नदी भर पढ़ पाते हैं, बाल्टी भर याद रहता है, चुल्लू भर नंबर आते हैं, जिसमें हम डूब जाते हैं.
निर्णय लेना और असफल हो जाना!! इससे एक बात तो स्पष्ट है!! की आप उस भीड़ का हिस्सा नहीं है!! जो असफल होने के डर से निर्णय ही नहीं ले पाते है!!
Exam सबके अच्छे जाते है!! न जाने Result क्यों खराब आते हैं!!
जो नींद एग्जाम की रात आती हैं!! वो नींद “नींद” की गोली खाने से भी नहीं आती हैं!!