RESULT के बाद – न तलवार की धारसे न गोलियोंकी बौछार से, बंदा डरता हे तो सिर्फ अपने बाप की मार से ।
निगाहें आज भी उस शख्स को शिद्दत से तलाश करती हैं, जिसने कहा था, बस दसवी कर लो, आगे पढाई आसान है.
वो एग्जाम की राते जब आप सोना नहीं चाहते थे!! फिर भी नींद आ ही जाती थी!!
जब Question पेपर हो आउट ऑफ कंट्रोल!! आंसर शीट को करके फोल्ड!! एयरोप्लेन बना के बोल!! भैया आल इज फेल!!
अगर एक अकेला टीचर सारे विषय नहीं पढ़ा सकता तो! ऐसी उम्मीद क्यों करते हैं कि एक विद्यार्थी सारे विषय पढ़े! “जागो बच्चों जागो”
जितना सिलेबस पढ़के तीन टॉप लाते हो उतना हम चॉइस पर छोड़ आते है।
RESULT के बाद – न तलवार की धारसे न गोलियोंकी बौछार से, बंदा डरता हे तो सिर्फ अपने बाप की मार से ।
निगाहें आज भी उस शख्स को शिद्दत से तलाश करती हैं, जिसने कहा था, बस दसवी कर लो, आगे पढाई आसान है.
वो एग्जाम की राते जब आप सोना नहीं चाहते थे!! फिर भी नींद आ ही जाती थी!!
जब Question पेपर हो आउट ऑफ कंट्रोल!! आंसर शीट को करके फोल्ड!! एयरोप्लेन बना के बोल!! भैया आल इज फेल!!
अगर एक अकेला टीचर सारे विषय नहीं पढ़ा सकता तो! ऐसी उम्मीद क्यों करते हैं कि एक विद्यार्थी सारे विषय पढ़े! “जागो बच्चों जागो”
जितना सिलेबस पढ़के तीन टॉप लाते हो उतना हम चॉइस पर छोड़ आते है।