अगर एक अकेला टीचर सारे विषय नहीं पढ़ा सकता तो! ऐसी उम्मीद क्यों करते हैं कि एक विद्यार्थी सारे विषय पढ़े! “जागो बच्चों जागो”
इसी वजह से कोई बोहत खास हो गया, इसी वजह से कोई बोहत खास हो गया, चीटिंग करवाने से वो फेल और पप्पू पास हो गया.
जितना सिलेबस पढ़के तीन टॉप लाते हो उतना हम चॉइस पर छोड़ आते है।
एक विद्यार्थी की दर्द भरी शायरी!! स्टूडेंट्स के दर्द को यह स्कूल वाले क्या जाने!! क्लास के रिवाज़ों से सब माँ-बाप हैं अनजाने!! होती है कितनी तकलीफ एक पेपर लिखने में!! ये दर्द वो पेपर चेक करने वाला क्या जाने!!
यह एग्जाम का रिश्ता भी अजीब होता हैं!! सब अपना-अपना नसीब होता हैं!! रह जाता हैं जो निगाहों से दूर!! वही प्रश्न कम्पलसरी हो जाता हैं!!
!!एग्जाम हैं टेंशन नहीं पढ़ना हैं मूड नहीं!!
अगर एक अकेला टीचर सारे विषय नहीं पढ़ा सकता तो! ऐसी उम्मीद क्यों करते हैं कि एक विद्यार्थी सारे विषय पढ़े! “जागो बच्चों जागो”
इसी वजह से कोई बोहत खास हो गया, इसी वजह से कोई बोहत खास हो गया, चीटिंग करवाने से वो फेल और पप्पू पास हो गया.
जितना सिलेबस पढ़के तीन टॉप लाते हो उतना हम चॉइस पर छोड़ आते है।
एक विद्यार्थी की दर्द भरी शायरी!! स्टूडेंट्स के दर्द को यह स्कूल वाले क्या जाने!! क्लास के रिवाज़ों से सब माँ-बाप हैं अनजाने!! होती है कितनी तकलीफ एक पेपर लिखने में!! ये दर्द वो पेपर चेक करने वाला क्या जाने!!
यह एग्जाम का रिश्ता भी अजीब होता हैं!! सब अपना-अपना नसीब होता हैं!! रह जाता हैं जो निगाहों से दूर!! वही प्रश्न कम्पलसरी हो जाता हैं!!
!!एग्जाम हैं टेंशन नहीं पढ़ना हैं मूड नहीं!!