Exam में मैंने भी बदल दिए अपने उसूल!! जो अपनी कॉपी दिखायेगा वही मेरा देख पायेगा!!
समंदर जितना सिलेबस है!! नदी जितना पढ़ पाते हैं!! बाल्टी जितना याद रख पाते हैं!! गिलास जितना लिख पाते हैं!! और चुल्लू भर नंबर आते हैं!!
निगाहें आज भी उस शख्स को शिद्दत से तलाश करती हैं, जिसने कहा था, बस दसवी कर लो, आगे पढाई आसान है.
बच्चे परीक्षा के बाद और डॉक्टर ऑपरेशन के बाद!! सिर्फ एक ही चीज कहते हैं!! “कुछ कह नहीं सकते, बस दुआ करें!!
इस Exam का सितम देता हैं बहुत पीड़ा!! अच्छे-अच्छे को बना देता हैं किताबी कीड़ा!!
एक विद्यार्थी की दर्द भरी शायरी!! स्टूडेंट्स के दर्द को यह स्कूल वाले क्या जाने!! क्लास के रिवाज़ों से सब माँ-बाप हैं अनजाने!! होती है कितनी तकलीफ एक पेपर लिखने में!! ये दर्द वो पेपर चेक करने वाला क्या जाने!!
Exam में मैंने भी बदल दिए अपने उसूल!! जो अपनी कॉपी दिखायेगा वही मेरा देख पायेगा!!
समंदर जितना सिलेबस है!! नदी जितना पढ़ पाते हैं!! बाल्टी जितना याद रख पाते हैं!! गिलास जितना लिख पाते हैं!! और चुल्लू भर नंबर आते हैं!!
निगाहें आज भी उस शख्स को शिद्दत से तलाश करती हैं, जिसने कहा था, बस दसवी कर लो, आगे पढाई आसान है.
बच्चे परीक्षा के बाद और डॉक्टर ऑपरेशन के बाद!! सिर्फ एक ही चीज कहते हैं!! “कुछ कह नहीं सकते, बस दुआ करें!!
इस Exam का सितम देता हैं बहुत पीड़ा!! अच्छे-अच्छे को बना देता हैं किताबी कीड़ा!!
एक विद्यार्थी की दर्द भरी शायरी!! स्टूडेंट्स के दर्द को यह स्कूल वाले क्या जाने!! क्लास के रिवाज़ों से सब माँ-बाप हैं अनजाने!! होती है कितनी तकलीफ एक पेपर लिखने में!! ये दर्द वो पेपर चेक करने वाला क्या जाने!!