EXAM भी कमाल का होता हैं!! जो चेप्टर छोड़ देते हैं!! वही चेप्टर पूरा आता हैं!!
कुछ भी नहीं लिखा बोल के एग्जाम में टॉप करने वालो जनता माफ़ नहीं करेगी।
जहां दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाए!! वहां खुद को समझा लेना बेहतर होता है!!
लिखो तो एग्जाम में कुछ ऐसा लिखो, की पेन भी रोने पर मजबूर हो जाए, हर उत्तर में वो दर्द भर दो, की चेक करने वाला डिप्रेशन खा के सो जाए.
पढ़ाई रह जाती है सिर्फ दिखावे की!! और फिर हाल-ए-दिल!! मार्कशीट पर बयाँ होता है!!
निर्णय लेना और असफल हो जाना!! इससे एक बात तो स्पष्ट है!! की आप उस भीड़ का हिस्सा नहीं है!! जो असफल होने के डर से निर्णय ही नहीं ले पाते है!!
EXAM भी कमाल का होता हैं!! जो चेप्टर छोड़ देते हैं!! वही चेप्टर पूरा आता हैं!!
कुछ भी नहीं लिखा बोल के एग्जाम में टॉप करने वालो जनता माफ़ नहीं करेगी।
जहां दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाए!! वहां खुद को समझा लेना बेहतर होता है!!
लिखो तो एग्जाम में कुछ ऐसा लिखो, की पेन भी रोने पर मजबूर हो जाए, हर उत्तर में वो दर्द भर दो, की चेक करने वाला डिप्रेशन खा के सो जाए.
पढ़ाई रह जाती है सिर्फ दिखावे की!! और फिर हाल-ए-दिल!! मार्कशीट पर बयाँ होता है!!
निर्णय लेना और असफल हो जाना!! इससे एक बात तो स्पष्ट है!! की आप उस भीड़ का हिस्सा नहीं है!! जो असफल होने के डर से निर्णय ही नहीं ले पाते है!!