निगाहें आज भी उस शख्स को शिद्दत से तलाश करती हैं, जिसने कहा था, बस दसवी कर लो, आगे पढाई आसान है.
बचपन से ही शोख था hero बनने का पर!! क्या करूँ माँ ने बोला बेटा पहले पढ़ाई पूरा कर!! लेकिन gf ने बोला hero लग रहे हो!! उस दिन से hero बनने का सोख ही उतर गया!!
दिन में चैन नहीं, रात में नींद नहीं, जी ना लगे कहीं, इ-खुदा क्या यही प्यार है? खुदा: नहीं बेटा, सभी एग्जाम वालों का यही हाल है.
वो एग्जाम की राते जब आप सोना नहीं चाहते थे!! फिर भी नींद आ ही जाती थी!!
अगर एक अकेला टीचर सारे विषय नहीं पढ़ा सकता तो! ऐसी उम्मीद क्यों करते हैं कि एक विद्यार्थी सारे विषय पढ़े! “जागो बच्चों जागो”
क्रिकेट खेला करो!! अनुष्का मिलेगी!! पढ़ाई लिखाई से तो!! मंजुडी, संजुडी, ही मिलेगी!!
निगाहें आज भी उस शख्स को शिद्दत से तलाश करती हैं, जिसने कहा था, बस दसवी कर लो, आगे पढाई आसान है.
बचपन से ही शोख था hero बनने का पर!! क्या करूँ माँ ने बोला बेटा पहले पढ़ाई पूरा कर!! लेकिन gf ने बोला hero लग रहे हो!! उस दिन से hero बनने का सोख ही उतर गया!!
दिन में चैन नहीं, रात में नींद नहीं, जी ना लगे कहीं, इ-खुदा क्या यही प्यार है? खुदा: नहीं बेटा, सभी एग्जाम वालों का यही हाल है.
वो एग्जाम की राते जब आप सोना नहीं चाहते थे!! फिर भी नींद आ ही जाती थी!!
अगर एक अकेला टीचर सारे विषय नहीं पढ़ा सकता तो! ऐसी उम्मीद क्यों करते हैं कि एक विद्यार्थी सारे विषय पढ़े! “जागो बच्चों जागो”
क्रिकेट खेला करो!! अनुष्का मिलेगी!! पढ़ाई लिखाई से तो!! मंजुडी, संजुडी, ही मिलेगी!!