निगाहें आज भी उस शख्स को शिद्दत से तलाश करती हैं, जिसने कहा था, बस दसवी कर लो, आगे पढाई आसान है.
ना वक्त है इतना कि Syllabus पूरा किया जाएँ!! ना तरकीब कोई की Exam पास किया जाएँ!! न जाने कोन-सा दर्द दिया है इस पढ़ाई ने!! ना रोया जाए और ना सोया जाएँ!!
एग्जाम में फैल नहीं हुआ!! बस मेरी डिग्री कुछ समय के लिए!! पोस्टपोन हो गयी हैं!!
दिन में चैन नहीं, रात में नींद नहीं, जी ना लगे कहीं, इ-खुदा क्या यही प्यार है? खुदा: नहीं बेटा, सभी एग्जाम वालों का यही हाल है.
इसी वजह से कोई बोहत खास हो गया, इसी वजह से कोई बोहत खास हो गया, चीटिंग करवाने से वो फेल और पप्पू पास हो गया.
पढ़ाई रह जाती है सिर्फ दिखावे की!! और फिर हाल-ए-दिल!! मार्कशीट पर बयाँ होता है!!
निगाहें आज भी उस शख्स को शिद्दत से तलाश करती हैं, जिसने कहा था, बस दसवी कर लो, आगे पढाई आसान है.
ना वक्त है इतना कि Syllabus पूरा किया जाएँ!! ना तरकीब कोई की Exam पास किया जाएँ!! न जाने कोन-सा दर्द दिया है इस पढ़ाई ने!! ना रोया जाए और ना सोया जाएँ!!
एग्जाम में फैल नहीं हुआ!! बस मेरी डिग्री कुछ समय के लिए!! पोस्टपोन हो गयी हैं!!
दिन में चैन नहीं, रात में नींद नहीं, जी ना लगे कहीं, इ-खुदा क्या यही प्यार है? खुदा: नहीं बेटा, सभी एग्जाम वालों का यही हाल है.
इसी वजह से कोई बोहत खास हो गया, इसी वजह से कोई बोहत खास हो गया, चीटिंग करवाने से वो फेल और पप्पू पास हो गया.
पढ़ाई रह जाती है सिर्फ दिखावे की!! और फिर हाल-ए-दिल!! मार्कशीट पर बयाँ होता है!!