लोग अब ईमानदार नहीं बेईमान हो गए है, जिस दिल मे रहते है उसी दिल को ठेस पहुँचाते है।
मतलबी दुनिया में लोग अफसोस से कहते है की, कोई किसी का नही…? लेकीन कोई यह नहीं सोचता की हम किसके हुए…
दोस्तों की औकात तो हमे तब पता चलती है जब हम संकट मे होते है।
लोगों का उसूल है जबतक पैसा है तब तक रिश्ता है।
न जाने कैसी नज़र लगी है ज़माने की अब वजह नहीं मिलती मुस्कुराने की
जहाँ भरोसा है वहाँ सावधानी जरूर होनी चाहिए।
लोग अब ईमानदार नहीं बेईमान हो गए है, जिस दिल मे रहते है उसी दिल को ठेस पहुँचाते है।
मतलबी दुनिया में लोग अफसोस से कहते है की, कोई किसी का नही…? लेकीन कोई यह नहीं सोचता की हम किसके हुए…
दोस्तों की औकात तो हमे तब पता चलती है जब हम संकट मे होते है।
लोगों का उसूल है जबतक पैसा है तब तक रिश्ता है।
न जाने कैसी नज़र लगी है ज़माने की अब वजह नहीं मिलती मुस्कुराने की
जहाँ भरोसा है वहाँ सावधानी जरूर होनी चाहिए।