हर मित्रता के पीछे कोई न कोई स्वार्थ जरूर छुपा होता है।
दुनिया मे सिर्फ दो ही लोग धोखा खाते है, एक जो अपनों पर आँख बंद करके भरोसा करते है, और दूसरे जो बिना सोचे समझे दोस्ती करते है।
देख के दुनिया अब हम भी बदलेंगे मिजाज़ रिश्ता सब से होगा लेकिन वास्ता किसी से नहीं
न जाने कैसी नज़र लगी है ज़माने की अब वजह नहीं मिलती मुस्कुराने की
जब हमने ऊपर उठने की कोशिश की तो पीछे खिचने वाले वो ही लोग थे, जिन्हे हम अपना समझ बैठे थे।
जहाँ भरोसा है वहाँ सावधानी जरूर होनी चाहिए।
हर मित्रता के पीछे कोई न कोई स्वार्थ जरूर छुपा होता है।
दुनिया मे सिर्फ दो ही लोग धोखा खाते है, एक जो अपनों पर आँख बंद करके भरोसा करते है, और दूसरे जो बिना सोचे समझे दोस्ती करते है।
देख के दुनिया अब हम भी बदलेंगे मिजाज़ रिश्ता सब से होगा लेकिन वास्ता किसी से नहीं
न जाने कैसी नज़र लगी है ज़माने की अब वजह नहीं मिलती मुस्कुराने की
जब हमने ऊपर उठने की कोशिश की तो पीछे खिचने वाले वो ही लोग थे, जिन्हे हम अपना समझ बैठे थे।
जहाँ भरोसा है वहाँ सावधानी जरूर होनी चाहिए।