सिखा दिया दुनिया ने मुझे अपनों पे भी शक करना मेरी फ़ितरत में तो था गैरों पे भरोसा करना
दुनिया मे सिर्फ दो ही लोग धोखा खाते है, एक जो अपनों पर आँख बंद करके भरोसा करते है, और दूसरे जो बिना सोचे समझे दोस्ती करते है।
लोग अब ईमानदार नहीं बेईमान हो गए है, जिस दिल मे रहते है उसी दिल को ठेस पहुँचाते है।
हर मित्रता के पीछे कोई न कोई स्वार्थ जरूर छुपा होता है।
आज गुमनाम हूँ तो ज़रा फासला रख मुझसे.. कल फिर मशहूर हो जाऊँ तो कोई रिश्ता निकाल लेना..
लोगों का उसूल है जबतक पैसा है तब तक रिश्ता है।
सिखा दिया दुनिया ने मुझे अपनों पे भी शक करना मेरी फ़ितरत में तो था गैरों पे भरोसा करना
दुनिया मे सिर्फ दो ही लोग धोखा खाते है, एक जो अपनों पर आँख बंद करके भरोसा करते है, और दूसरे जो बिना सोचे समझे दोस्ती करते है।
लोग अब ईमानदार नहीं बेईमान हो गए है, जिस दिल मे रहते है उसी दिल को ठेस पहुँचाते है।
हर मित्रता के पीछे कोई न कोई स्वार्थ जरूर छुपा होता है।
आज गुमनाम हूँ तो ज़रा फासला रख मुझसे.. कल फिर मशहूर हो जाऊँ तो कोई रिश्ता निकाल लेना..
लोगों का उसूल है जबतक पैसा है तब तक रिश्ता है।