सच्चे दोस्त हमेशा सामने बुराई करते है, और झुठे लोग हमेशा पीठ पीछे बुराई करते है।
मुखौटे बचपन में देखे थे मेले में टंगे हुए समझ बढ़ी तो देखा लोगों पे है चढ़े हुऐ
इतिहास गवा है, जितना धोका दुश्मनों से नहीं हुआ उतना धोखा दोस्तों से हुआ है।
दुनिया मे सिर्फ दो ही लोग धोखा खाते है, एक जो अपनों पर आँख बंद करके भरोसा करते है, और दूसरे जो बिना सोचे समझे दोस्ती करते है।
जहाँ भरोसा है वहाँ सावधानी जरूर होनी चाहिए।
देख के दुनिया अब हम भी बदलेंगे मिजाज़ रिश्ता सब से होगा लेकिन वास्ता किसी से नहीं
सच्चे दोस्त हमेशा सामने बुराई करते है, और झुठे लोग हमेशा पीठ पीछे बुराई करते है।
मुखौटे बचपन में देखे थे मेले में टंगे हुए समझ बढ़ी तो देखा लोगों पे है चढ़े हुऐ
इतिहास गवा है, जितना धोका दुश्मनों से नहीं हुआ उतना धोखा दोस्तों से हुआ है।
दुनिया मे सिर्फ दो ही लोग धोखा खाते है, एक जो अपनों पर आँख बंद करके भरोसा करते है, और दूसरे जो बिना सोचे समझे दोस्ती करते है।
जहाँ भरोसा है वहाँ सावधानी जरूर होनी चाहिए।
देख के दुनिया अब हम भी बदलेंगे मिजाज़ रिश्ता सब से होगा लेकिन वास्ता किसी से नहीं