देख के दुनिया अब हम भी बदलेंगे मिजाज़ रिश्ता सब से होगा लेकिन वास्ता किसी से नहीं

देख के दुनिया अब हम भी बदलेंगे मिजाज़ रिश्ता सब से होगा लेकिन वास्ता किसी से नहीं

Share:

More Like This

कैसे करू भरोसा गैरो के प्यार पर, अपने ही मजा लेते अपनो की हार पर

हर मित्रता के पीछे कोई न कोई स्वार्थ जरूर छुपा होता है।

मज़बूत होने में मज़ा ही तब है, जब सारी दुनिया कमज़ोर कर देने पर तुली हो..

जब पास पैसे थे तब सारी दुनिया साथ थी, आज पास कुछ नहीं तो साथ भी कोई नहीं।

मेरी तारीफ करे या मुझे बदनाम करे, जिसने जो बात करनी है सर-ए-आम करे

मुखौटे बचपन में देखे थे मेले में टंगे हुए समझ बढ़ी तो देखा लोगों पे है चढ़े हुऐ

कैसे करू भरोसा गैरो के प्यार पर, अपने ही मजा लेते अपनो की हार पर

हर मित्रता के पीछे कोई न कोई स्वार्थ जरूर छुपा होता है।

मज़बूत होने में मज़ा ही तब है, जब सारी दुनिया कमज़ोर कर देने पर तुली हो..

जब पास पैसे थे तब सारी दुनिया साथ थी, आज पास कुछ नहीं तो साथ भी कोई नहीं।

मेरी तारीफ करे या मुझे बदनाम करे, जिसने जो बात करनी है सर-ए-आम करे

मुखौटे बचपन में देखे थे मेले में टंगे हुए समझ बढ़ी तो देखा लोगों पे है चढ़े हुऐ