जब हमने ऊपर उठने की कोशिश की तो पीछे खिचने वाले वो ही लोग थे, जिन्हे हम अपना समझ बैठे थे।
मेरी तारीफ करे या मुझे बदनाम करे, जिसने जो बात करनी है सर-ए-आम करे
जहाँ भरोसा है वहाँ सावधानी जरूर होनी चाहिए।
कलयुग का दर्शन करना चाहते हो तो एक मतलबी दोस्त बनाकर देखो, कलयुग का दर्शन उसके अंदर ही हो जाएगा।
दुनिया मे सिर्फ दो ही लोग धोखा खाते है, एक जो अपनों पर आँख बंद करके भरोसा करते है, और दूसरे जो बिना सोचे समझे दोस्ती करते है।
लोग अब ईमानदार नहीं बेईमान हो गए है, जिस दिल मे रहते है उसी दिल को ठेस पहुँचाते है।
जब हमने ऊपर उठने की कोशिश की तो पीछे खिचने वाले वो ही लोग थे, जिन्हे हम अपना समझ बैठे थे।
मेरी तारीफ करे या मुझे बदनाम करे, जिसने जो बात करनी है सर-ए-आम करे
जहाँ भरोसा है वहाँ सावधानी जरूर होनी चाहिए।
कलयुग का दर्शन करना चाहते हो तो एक मतलबी दोस्त बनाकर देखो, कलयुग का दर्शन उसके अंदर ही हो जाएगा।
दुनिया मे सिर्फ दो ही लोग धोखा खाते है, एक जो अपनों पर आँख बंद करके भरोसा करते है, और दूसरे जो बिना सोचे समझे दोस्ती करते है।
लोग अब ईमानदार नहीं बेईमान हो गए है, जिस दिल मे रहते है उसी दिल को ठेस पहुँचाते है।