फिर कृष्ण जन्माष्टमी आई है, माखन की हांडी ने फिर मिठास बढ़ाई है, कान्हा की लीला है सबसे प्यारी, वो दें तुम्हें दुनिया भर की खुशियां सारी नन्द के लाला को हमारा बार-बार नमस्कार।
भक्ति गणपति। शक्ति गणपति। सिद्दी गणपति, लक्ष्मी गणपति महा गणपति, देवो में श्रेष्ठ मेरे गणपति हैप्पी गणेश चतुर्थी
“ॐ एकदन्ताय विद्धमहे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दन्ति प्रचोदयात्॥”
आपका और खुशियों का, जनम जनम का साथ हो, आपकी तरक्की की, हर किसी की ज़बान पर बात हो, जब भी कोई मुश्किल आये, माय फ्रेंड गणेशा आप के साथ हो…
हे देवा श्री गणेशा देवा श्री गणेशा……. तेरी भक्ति तो वरदान है,,जो कमाए वो धनवान है,,बिन किनारे की कश्ती है वो देवा तुझसे जो अन्जान है,,यूँ तो मूषक सवारी तेरी,,सब पे है पहेरेदारी तेरी,,पाप की आँधिया लाख हो कभी ज्योती ना हारी तेरी,,अपनी तकदीर का वो खुद सिकंदर हुआ रे,,भूल के ये जहां रे जिस किसी ने यहाँ रे साथ पाया तेरा हे…………
आते बड़े धूम धाम से गणपति जी, जाते बड़े धूम धाम से गणपति जी, आखिर सबसे पहले आकर, हमारे दिलो में बस जाते गणपति जी
फिर कृष्ण जन्माष्टमी आई है, माखन की हांडी ने फिर मिठास बढ़ाई है, कान्हा की लीला है सबसे प्यारी, वो दें तुम्हें दुनिया भर की खुशियां सारी नन्द के लाला को हमारा बार-बार नमस्कार।
भक्ति गणपति। शक्ति गणपति। सिद्दी गणपति, लक्ष्मी गणपति महा गणपति, देवो में श्रेष्ठ मेरे गणपति हैप्पी गणेश चतुर्थी
“ॐ एकदन्ताय विद्धमहे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दन्ति प्रचोदयात्॥”
आपका और खुशियों का, जनम जनम का साथ हो, आपकी तरक्की की, हर किसी की ज़बान पर बात हो, जब भी कोई मुश्किल आये, माय फ्रेंड गणेशा आप के साथ हो…
हे देवा श्री गणेशा देवा श्री गणेशा……. तेरी भक्ति तो वरदान है,,जो कमाए वो धनवान है,,बिन किनारे की कश्ती है वो देवा तुझसे जो अन्जान है,,यूँ तो मूषक सवारी तेरी,,सब पे है पहेरेदारी तेरी,,पाप की आँधिया लाख हो कभी ज्योती ना हारी तेरी,,अपनी तकदीर का वो खुद सिकंदर हुआ रे,,भूल के ये जहां रे जिस किसी ने यहाँ रे साथ पाया तेरा हे…………
आते बड़े धूम धाम से गणपति जी, जाते बड़े धूम धाम से गणपति जी, आखिर सबसे पहले आकर, हमारे दिलो में बस जाते गणपति जी