मक्की की रोटी, नीबू का अचार; सूरज की किरणे, खुशियों की बहार; चाँद की चांदनी, अपनों का प्यार; मुबारक हो आपको, गणपति का त्योहार। शुभ गणेश चतुर्थी!
एक दो तीन चार; गणपति जी की जय जय कार; पांच छ सात आठ; गणपति जी है सबके साथ! शुभ गणेश चतुर्थी!
सब शुभ कारज में पहले पूजा तेरी, तुम बिना काम ना सरे, अरज सुन मेरी रिध सिध को लेकर करो भवन में फेरी करो ऐसी कृपा नित करूँ मैं पूजा तेरी,
“भगवान श्री गणेश की कृपा, बनी रहे आप हर दम। हर कार्य में सफलता मिले। जीवन में न आये कोई गम! गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं!”
“ॐ एकदन्ताय विद्धमहे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दन्ति प्रचोदयात्॥”
माखन चुराकर खाया जिसने, बंसी बजाकर नचाया जिसने, प्रेम का रास्ता दिखाया जिसने, उसके जन्मदिन की खुशी मनाओ।
मक्की की रोटी, नीबू का अचार; सूरज की किरणे, खुशियों की बहार; चाँद की चांदनी, अपनों का प्यार; मुबारक हो आपको, गणपति का त्योहार। शुभ गणेश चतुर्थी!
एक दो तीन चार; गणपति जी की जय जय कार; पांच छ सात आठ; गणपति जी है सबके साथ! शुभ गणेश चतुर्थी!
सब शुभ कारज में पहले पूजा तेरी, तुम बिना काम ना सरे, अरज सुन मेरी रिध सिध को लेकर करो भवन में फेरी करो ऐसी कृपा नित करूँ मैं पूजा तेरी,
“भगवान श्री गणेश की कृपा, बनी रहे आप हर दम। हर कार्य में सफलता मिले। जीवन में न आये कोई गम! गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं!”
“ॐ एकदन्ताय विद्धमहे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दन्ति प्रचोदयात्॥”
माखन चुराकर खाया जिसने, बंसी बजाकर नचाया जिसने, प्रेम का रास्ता दिखाया जिसने, उसके जन्मदिन की खुशी मनाओ।