अँधेरा हुआ दूर रात के साथ, नयी सुबह आयी बधाई लेके साथ, अब आंख्ने खोलो और देखो एक मैसेज आया हैं गणेश चतुर्थी की शुभकामना साथ लाया हैं

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गणेश गजानन की ज्योति से नूर मिलता है, हम सबके दिलों को बेहद सुरूर मिलता है, जो भी दिल से जाए गणपति के द्वार हर भक्त को कुछ ना कुछ जरूर मिलता है.. गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं!

सब शुभ कारज में पहले पूजा तेरी, तुम बिना काम ना सरे, अरज सुन मेरी रिध सिध को लेकर करो भवन में फेरी करो ऐसी कृपा नित करूँ मैं पूजा तेरी.. गणेश चतुर्थी की शुभ कामनाएं!

सब शुभ कारज में पहले पूजा तेरी, तुम बिना काम ना सरे, अरज सुन मेरी रिध सिध को लेकर करो भवन में फेरी करो ऐसी कृपा नित करूँ मैं पूजा तेरी,

गणेश की ज्योति से नूर मिलता हैं, सबके दिलो को सुरूर मिलता हैं, जो भी जाता हैं गणेश के द्वार, कुछ न कुछ उन्हें जरूर मिलता हैं, Ganpati Bappa Morya ..

गणपति बप्पा मोरया..त्वमेव माता च पिता त्वमेवत्वमेव बन्धु सखा त्वमेवत्वमेवविद्या द्रविणं त्वमेवत्वमेव सर्वं मम देव देवाअचुतम केशवं रामा नारायणंकृष्णा देमोदरम वाशुदेवं हारीमश्रीधरम माधावुम गोपिका वल्लभंजानकी नायकम रामचंद्रम भजेहरे राम हरे रामराम राम हरे हर

“वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा”

गणेश गजानन की ज्योति से नूर मिलता है, हम सबके दिलों को बेहद सुरूर मिलता है, जो भी दिल से जाए गणपति के द्वार हर भक्त को कुछ ना कुछ जरूर मिलता है.. गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं!

सब शुभ कारज में पहले पूजा तेरी, तुम बिना काम ना सरे, अरज सुन मेरी रिध सिध को लेकर करो भवन में फेरी करो ऐसी कृपा नित करूँ मैं पूजा तेरी.. गणेश चतुर्थी की शुभ कामनाएं!

सब शुभ कारज में पहले पूजा तेरी, तुम बिना काम ना सरे, अरज सुन मेरी रिध सिध को लेकर करो भवन में फेरी करो ऐसी कृपा नित करूँ मैं पूजा तेरी,

गणेश की ज्योति से नूर मिलता हैं, सबके दिलो को सुरूर मिलता हैं, जो भी जाता हैं गणेश के द्वार, कुछ न कुछ उन्हें जरूर मिलता हैं, Ganpati Bappa Morya ..

गणपति बप्पा मोरया..त्वमेव माता च पिता त्वमेवत्वमेव बन्धु सखा त्वमेवत्वमेवविद्या द्रविणं त्वमेवत्वमेव सर्वं मम देव देवाअचुतम केशवं रामा नारायणंकृष्णा देमोदरम वाशुदेवं हारीमश्रीधरम माधावुम गोपिका वल्लभंजानकी नायकम रामचंद्रम भजेहरे राम हरे रामराम राम हरे हर

“वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा”