दिल से जो भी मांगोगे मिलेगा ये गणेश जी का दरबार है, देवों के देव वक्रतुंडा महाकाया को अपने हर भक्त से प्यार है..!!

दिल से जो भी मांगोगे मिलेगा ये गणेश जी का दरबार है, देवों के देव वक्रतुंडा महाकाया को अपने हर भक्त से प्यार है..!!

Share:

More Like This

धरती पर बारिश की बुँदे बरसे, आप के ऊपर अपनों का प्यार बरसे। “गणेशजी” से बस यही दुआ हैं।। आप ख़ुशी के लिए नहीं, ख़ुशी आप के लिए तरसे।।

हे देवा श्री गणेशा देवा श्री गणेशा……. तेरी भक्ति तो वरदान है,,जो कमाए वो धनवान है,,बिन किनारे की कश्ती है वो देवा तुझसे जो अन्जान है,,यूँ तो मूषक सवारी तेरी,,सब पे है पहेरेदारी तेरी,,पाप की आँधिया लाख हो कभी ज्योती ना हारी तेरी,,अपनी तकदीर का वो खुद सिकंदर हुआ रे,,भूल के ये जहां रे जिस किसी ने यहाँ रे साथ पाया तेरा हे…………

सुखा करता जय मोरया, दुख हरता जय मोरया; कृपा सिन्धु जय मोरया, बूढ़ी विधाता मोरया; गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ती मोरया! गणेश चतुर्थी की शुभ कामनाएं!

पलकें झुकें, और नमन हो जाए मस्तक झुके, और वंदन हो जाए ऐसी नजर, कहां से लाऊं, मेरे कन्हैया कि आपको याद करते ही आपके दर्शन हो जाए कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं

मक्की की रोटी, नीबू का अचार; सूरज की किरणे, खुशियों की बहार; चाँद की चांदनी, अपनों का प्यार; मुबारक हो आपको, गणपति का त्योहार। शुभ गणेश चतुर्थी!

गणेश की ज्योति से नूर मिलता है; सबके दिलों को सुरूर मिलता है; जो भी जाता है गणेशा के द्वार; कुछ ना कुछ जरूर मिलता है.. जय श्री गणेश

धरती पर बारिश की बुँदे बरसे, आप के ऊपर अपनों का प्यार बरसे। “गणेशजी” से बस यही दुआ हैं।। आप ख़ुशी के लिए नहीं, ख़ुशी आप के लिए तरसे।।

हे देवा श्री गणेशा देवा श्री गणेशा……. तेरी भक्ति तो वरदान है,,जो कमाए वो धनवान है,,बिन किनारे की कश्ती है वो देवा तुझसे जो अन्जान है,,यूँ तो मूषक सवारी तेरी,,सब पे है पहेरेदारी तेरी,,पाप की आँधिया लाख हो कभी ज्योती ना हारी तेरी,,अपनी तकदीर का वो खुद सिकंदर हुआ रे,,भूल के ये जहां रे जिस किसी ने यहाँ रे साथ पाया तेरा हे…………

सुखा करता जय मोरया, दुख हरता जय मोरया; कृपा सिन्धु जय मोरया, बूढ़ी विधाता मोरया; गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ती मोरया! गणेश चतुर्थी की शुभ कामनाएं!

पलकें झुकें, और नमन हो जाए मस्तक झुके, और वंदन हो जाए ऐसी नजर, कहां से लाऊं, मेरे कन्हैया कि आपको याद करते ही आपके दर्शन हो जाए कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं

मक्की की रोटी, नीबू का अचार; सूरज की किरणे, खुशियों की बहार; चाँद की चांदनी, अपनों का प्यार; मुबारक हो आपको, गणपति का त्योहार। शुभ गणेश चतुर्थी!

गणेश की ज्योति से नूर मिलता है; सबके दिलों को सुरूर मिलता है; जो भी जाता है गणेशा के द्वार; कुछ ना कुछ जरूर मिलता है.. जय श्री गणेश