सब शुभ कारज में पहले पूजा तेरी, तुम बिना काम ना सरे, अरज सुन मेरी रिध सिध को लेकर करो भवन में फेरी करो ऐसी कृपा नित करूँ मैं पूजा तेरी,

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गणेश की ज्योति से नूर मिलता है; सबके दिलों को सुरूर मिलता है; जो भी जाता है गणेशा के द्वार; कुछ ना कुछ जरूर मिलता है.. जय श्री गणेश

“वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा”

गणपति बप्पा मोरया..त्वमेव माता च पिता त्वमेवत्वमेव बन्धु सखा त्वमेवत्वमेवविद्या द्रविणं त्वमेवत्वमेव सर्वं मम देव देवाअचुतम केशवं रामा नारायणंकृष्णा देमोदरम वाशुदेवं हारीमश्रीधरम माधावुम गोपिका वल्लभंजानकी नायकम रामचंद्रम भजेहरे राम हरे रामराम राम हरे हर

करके जग का दूर अंधेरा आई सुबह लेकर साथ ख़ुशियाँ गणपती जी की होगी कृपा हैं सब पर आशीर्वाद उनका हैप्पी गणेश चतुर्थी!!

गणपति बाप्पा आये हैं साथ खुशहाली लाये हैं गणेश जी के आशीर्वाद से ही हमने सुख के गीत गाये हैं।

“ॐ एकदन्ताय विद्धमहे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दन्ति प्रचोदयात्॥”

गणेश की ज्योति से नूर मिलता है; सबके दिलों को सुरूर मिलता है; जो भी जाता है गणेशा के द्वार; कुछ ना कुछ जरूर मिलता है.. जय श्री गणेश

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