एक दो तीन चार; गणपति जी की जय जय कार; पांच छ सात आठ; गणपति जी है सबके साथ! शुभ गणेश चतुर्थी!
“वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा”
माखन चोर नन्द किशोर, बांधी जिसने प्रीत की डोर, हरे कृष्ण हरे मुरारी, पूजती जिन्हें दुनिया सारी, आओ उनके गुण गाएं, सब मिल कर जन्माष्टमी मनाएं कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं।
मेरे लाडले मेरे गणपति प्यारे तुम शिव बाबा की आँखों के तारे मेरी आँखों में तेरी सूंदर मूरत किरणों जैसे चमके तेरी प्यारी सूरत Happy Ganesh Chaturthi
अँधेरा हुआ दूर रात के साथ, नयी सुबह आयी बधाई लेके साथ, अब आंख्ने खोलो और देखो एक मैसेज आया हैं गणेश चतुर्थी की शुभकामना साथ लाया हैं
तेरी धूलि का टीका किए,,देवा जो भक्त तेरा जिए,,उसे अमृत का है मोह क्या हंस के विष का वो प्याला पिए, तेरी महिमा की छाया तले काल के रथ का पहिया चले, एक चिंगारी प्रतिशोध से खड़ी रावण की लंका जले,, शत्रुओं की कतारें एक अकेले से हारे,, कण भी परबत हुआ रे,, श्लोक बन के जहांरे नाम आया तेरा हे……. देवा श्री गणेशा,,देवा श्री गणेशा……
एक दो तीन चार; गणपति जी की जय जय कार; पांच छ सात आठ; गणपति जी है सबके साथ! शुभ गणेश चतुर्थी!
“वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा”
माखन चोर नन्द किशोर, बांधी जिसने प्रीत की डोर, हरे कृष्ण हरे मुरारी, पूजती जिन्हें दुनिया सारी, आओ उनके गुण गाएं, सब मिल कर जन्माष्टमी मनाएं कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं।
मेरे लाडले मेरे गणपति प्यारे तुम शिव बाबा की आँखों के तारे मेरी आँखों में तेरी सूंदर मूरत किरणों जैसे चमके तेरी प्यारी सूरत Happy Ganesh Chaturthi
अँधेरा हुआ दूर रात के साथ, नयी सुबह आयी बधाई लेके साथ, अब आंख्ने खोलो और देखो एक मैसेज आया हैं गणेश चतुर्थी की शुभकामना साथ लाया हैं
तेरी धूलि का टीका किए,,देवा जो भक्त तेरा जिए,,उसे अमृत का है मोह क्या हंस के विष का वो प्याला पिए, तेरी महिमा की छाया तले काल के रथ का पहिया चले, एक चिंगारी प्रतिशोध से खड़ी रावण की लंका जले,, शत्रुओं की कतारें एक अकेले से हारे,, कण भी परबत हुआ रे,, श्लोक बन के जहांरे नाम आया तेरा हे……. देवा श्री गणेशा,,देवा श्री गणेशा……