जिनको साथ नहीं देना होता वो अक्सर रूठ जाया करते हैं
सबका दिल रखने में, अक्सर मेरा दिल टूट जाता है.
बड़े अजीब से इस दुनिया के मेले हैं, यूँ तो दिखती भीड़ है, पर फिर भी सब अकेले हैं
अब डर सा लगने लगा है मुझे उस हर शख्स से जो कहता है मैं तुम्हे अकेला नहीं छोड़ूंगा
नमक की तरह हो गयी है जिंदगी, लोग स्वादानुसार इस्तेमाल कर लेते हैं
वो कभी डरा ही नहीं मुझे खोने से, वो क्या अफसोस करेगा मेरे ना होने से
जिनको साथ नहीं देना होता वो अक्सर रूठ जाया करते हैं
सबका दिल रखने में, अक्सर मेरा दिल टूट जाता है.
बड़े अजीब से इस दुनिया के मेले हैं, यूँ तो दिखती भीड़ है, पर फिर भी सब अकेले हैं
अब डर सा लगने लगा है मुझे उस हर शख्स से जो कहता है मैं तुम्हे अकेला नहीं छोड़ूंगा
नमक की तरह हो गयी है जिंदगी, लोग स्वादानुसार इस्तेमाल कर लेते हैं
वो कभी डरा ही नहीं मुझे खोने से, वो क्या अफसोस करेगा मेरे ना होने से