तब रिश्ता समझ लीजिए ख़त्म हो जाता है जब दो प्यार की बात करने वाले लोग बस काम की बात करने के लिए बातें करते हैं।
रख लो दिल में सम्हाल कर थोड़ी सी याद मेरी....,रह जाओगे जब तन्हा तो हम बहुत काम आएँगे
जिनको साथ नहीं देना होता वो अक्सर रूठ जाया करते हैं
आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है, "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है
अब अगर रूठे तो रूठे रहना मैं मनाने वाला हुनर भूल चुकी हूं
हमे बुरा न समझो जनाब हम दर्द लिखते है देते नहीं.
तब रिश्ता समझ लीजिए ख़त्म हो जाता है जब दो प्यार की बात करने वाले लोग बस काम की बात करने के लिए बातें करते हैं।
रख लो दिल में सम्हाल कर थोड़ी सी याद मेरी....,रह जाओगे जब तन्हा तो हम बहुत काम आएँगे
जिनको साथ नहीं देना होता वो अक्सर रूठ जाया करते हैं
आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है, "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है
अब अगर रूठे तो रूठे रहना मैं मनाने वाला हुनर भूल चुकी हूं
हमे बुरा न समझो जनाब हम दर्द लिखते है देते नहीं.