कुछ पल के लिए मुझे अपनी बाँहों में सुला दे अगर आँख खुली तो उठा देना और अगर न खुली तो दफना देना
बहुत जल्दी भरोसा कर रहे हो, कभी पहले टूटा नहीं क्या?
अजीब तरह से गुजर रही है ज़िंदगी .. सोचा कुछ, किया कुछ हुआ कुछ, मिला कुछ ..
क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?
फिलहाल तोह यूँ है कुछ कर नहीं सकते, तेरे बिन ही मरना होगा साथ मर नहीं सकते, सूखे से पत्ते हैं एक टहनी पे लगे, किस्मत तोह देखो के झाड़ नहीं सकते, फिलहाल तोह यूँ है कुछ कर नहीं सकते.
रिश्ते नाते सब मतलब के यार है, बस पैसा ही सबका सच्चा प्यार है.
कुछ पल के लिए मुझे अपनी बाँहों में सुला दे अगर आँख खुली तो उठा देना और अगर न खुली तो दफना देना
बहुत जल्दी भरोसा कर रहे हो, कभी पहले टूटा नहीं क्या?
अजीब तरह से गुजर रही है ज़िंदगी .. सोचा कुछ, किया कुछ हुआ कुछ, मिला कुछ ..
क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?
फिलहाल तोह यूँ है कुछ कर नहीं सकते, तेरे बिन ही मरना होगा साथ मर नहीं सकते, सूखे से पत्ते हैं एक टहनी पे लगे, किस्मत तोह देखो के झाड़ नहीं सकते, फिलहाल तोह यूँ है कुछ कर नहीं सकते.
रिश्ते नाते सब मतलब के यार है, बस पैसा ही सबका सच्चा प्यार है.