मुस्कुराना तो सीखना पड़ता हैं, रोना तो लोग सीखा देते हैं..
एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से
लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद अच्छे इंसान से बदला लेते हैं
अकेली रात बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो
"मेरी आँखों की नमी ना जान पाया वो शख्स, एक अरसे तक जो इन आँखों में ही रहा था...!"
किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए
मुस्कुराना तो सीखना पड़ता हैं, रोना तो लोग सीखा देते हैं..
एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से
लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद अच्छे इंसान से बदला लेते हैं
अकेली रात बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो
"मेरी आँखों की नमी ना जान पाया वो शख्स, एक अरसे तक जो इन आँखों में ही रहा था...!"
किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए