मेरी याद क़यामत की तरह है एक दिन ज़रूर आएगी
काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..
दिल पर लग जाती है उन्हें अक्सर हमारी बातें, जो कहते थे तुम कुछ भी बोलो बुरा नहीं लगता...
बड़ी अजीब सी हैं शहरों की रौशनी.. उजालो के बावजूद चेहरे पहचानना मुश्किल हैं..
वहां तक तो साथ चलो जहाँ तक साथ मुमकिन है, जहाँ हालात बदलेंगे वहां तुम भी बदल जाना.
वो जो हमसे नफरत करते हैं, हम तो आज भी सिर्फ उन पर मरते हैं,
मेरी याद क़यामत की तरह है एक दिन ज़रूर आएगी
काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..
दिल पर लग जाती है उन्हें अक्सर हमारी बातें, जो कहते थे तुम कुछ भी बोलो बुरा नहीं लगता...
बड़ी अजीब सी हैं शहरों की रौशनी.. उजालो के बावजूद चेहरे पहचानना मुश्किल हैं..
वहां तक तो साथ चलो जहाँ तक साथ मुमकिन है, जहाँ हालात बदलेंगे वहां तुम भी बदल जाना.
वो जो हमसे नफरत करते हैं, हम तो आज भी सिर्फ उन पर मरते हैं,