एक सवाल था तुझसे क्या तुझे सच मैं प्यार था मुझसे.

एक सवाल था तुझसे क्या तुझे सच मैं प्यार था मुझसे.

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अपने रब के फैसले पर भला शक कैसे करुँ सजा दे रहा है अगर वो कुछ तो गुनाह रहा होगा..

तेरी कसम सिर्फ तेरे हैं हम

लाख कसमे देदो किसी को मगर छोड़ने वाले छोड़ ही जाते है `

उम्र कैद की तरह होते हे कुछ रिश्ते ,, जहा जमानत देकर भी रिहाई मुमकिन नही

जिनके दिल बहुत अच्छे होते हैं, अक्सर उन्हीं की किस्मत खराब होती है

तुम जो साथ हो तो दुनिया अपनी सी लगती है वरना सीने में सांस भी पराई लगती है

अपने रब के फैसले पर भला शक कैसे करुँ सजा दे रहा है अगर वो कुछ तो गुनाह रहा होगा..

तेरी कसम सिर्फ तेरे हैं हम

लाख कसमे देदो किसी को मगर छोड़ने वाले छोड़ ही जाते है `

उम्र कैद की तरह होते हे कुछ रिश्ते ,, जहा जमानत देकर भी रिहाई मुमकिन नही

जिनके दिल बहुत अच्छे होते हैं, अक्सर उन्हीं की किस्मत खराब होती है

तुम जो साथ हो तो दुनिया अपनी सी लगती है वरना सीने में सांस भी पराई लगती है