एक सवाल था तुझसे क्या तुझे सच मैं प्यार था मुझसे.

एक सवाल था तुझसे क्या तुझे सच मैं प्यार था मुझसे.

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कुछ अजीब सा रिश्ता है उसके और मेरे दरमियां, ना नफरत की वजह मिल रही है ना मोहब्बत का सिला.

अगर तुम्हें यकीं नहीं, तो कहने को कुछ नहीं मेरे पास, अगर तुम्हें यकीं है, तो मुझे कुछ कहने की जरूरत नही !

कभी कभी हम गलत नहीं होते, बस वो शब्द ही नहीं होते जो हमें सही साबित कर सके

जब से वो मशहूर हो गये हैं, हमसे कुछ दूर हो गये हैं…

ज़िन्दगी ने तो एक बात सीखा दी की हम किसी के लिए हमेशा खास नहीं रह सकते

देख लिया खुद को बिजी रख कर भी फिर भी याद सिर्फ तुम्हारी आती हैं.

कुछ अजीब सा रिश्ता है उसके और मेरे दरमियां, ना नफरत की वजह मिल रही है ना मोहब्बत का सिला.

अगर तुम्हें यकीं नहीं, तो कहने को कुछ नहीं मेरे पास, अगर तुम्हें यकीं है, तो मुझे कुछ कहने की जरूरत नही !

कभी कभी हम गलत नहीं होते, बस वो शब्द ही नहीं होते जो हमें सही साबित कर सके

जब से वो मशहूर हो गये हैं, हमसे कुछ दूर हो गये हैं…

ज़िन्दगी ने तो एक बात सीखा दी की हम किसी के लिए हमेशा खास नहीं रह सकते

देख लिया खुद को बिजी रख कर भी फिर भी याद सिर्फ तुम्हारी आती हैं.