आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है, "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है
किस मुकाम पर ले आई है ये मोहब्बत हमे उसे पाया भी नहीं जाता और भुलाया भी नहीं जाता
इंसान अपने कर्म से बड़ा होता है, अपने जन्म से नहीं .
दिल में आने का रास्ता तो होता है लेकिन जाने का नहीं इसलिए जब कोई दिल से जाता है तो दिल तोड़कर ही जाता है
मै उसके लिए चाय बनाना सीखता रहा और वो पैग बनाने वाले के साथ भाग गई
गजब है मेरे दिल में तेरा वजूद. मै खुद से दूर तू मुझमें मौजूद...
आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है, "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है
किस मुकाम पर ले आई है ये मोहब्बत हमे उसे पाया भी नहीं जाता और भुलाया भी नहीं जाता
इंसान अपने कर्म से बड़ा होता है, अपने जन्म से नहीं .
दिल में आने का रास्ता तो होता है लेकिन जाने का नहीं इसलिए जब कोई दिल से जाता है तो दिल तोड़कर ही जाता है
मै उसके लिए चाय बनाना सीखता रहा और वो पैग बनाने वाले के साथ भाग गई
गजब है मेरे दिल में तेरा वजूद. मै खुद से दूर तू मुझमें मौजूद...