क़दर करना सीख लो कहीं कोई थक ही न जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते

क़दर करना सीख लो कहीं कोई थक ही न जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते

Share:

More Like This

मेरे मरने पर किसी को ज्यादा फर्क नहीं होगा, बस तन्हाई रोएगी कि मेरा हमसफ़र चला गया....

कभी कभी हम किसी के लिए उतना जरूरी भी नहीं होते जितना हम सोच लेते है .

गुल्लक की तरह था रिश्ता हमारा जब टूटा तब कीमत समझ में आई

प्यार तो अमीरो से होता है हम गरीबो सा तो मजाक होता है

तुम बदले तो हम भी कहां पुराने से रहे, तुम आने से रहे तो हम भी बुलाने से रहे.

कोई भी सफर कभी खत्म नही होता या तो रास्ता बदल जाता है या फिर वास्ता ख़त्म हो जाता है

मेरे मरने पर किसी को ज्यादा फर्क नहीं होगा, बस तन्हाई रोएगी कि मेरा हमसफ़र चला गया....

कभी कभी हम किसी के लिए उतना जरूरी भी नहीं होते जितना हम सोच लेते है .

गुल्लक की तरह था रिश्ता हमारा जब टूटा तब कीमत समझ में आई

प्यार तो अमीरो से होता है हम गरीबो सा तो मजाक होता है

तुम बदले तो हम भी कहां पुराने से रहे, तुम आने से रहे तो हम भी बुलाने से रहे.

कोई भी सफर कभी खत्म नही होता या तो रास्ता बदल जाता है या फिर वास्ता ख़त्म हो जाता है