जरा देखो तो, ये दरवाजे पर दस्तक किसने दी है! 'इश्क' हो तो कहना, अब दिल यहाँ नहीं रहता…

जरा देखो तो, ये दरवाजे पर दस्तक किसने दी है! 'इश्क' हो तो कहना, अब दिल यहाँ नहीं रहता…

Share:

More Like This

"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."

जिनके दिल बहुत अच्छे होते हैं न अक्सर उनकी किस्मत बहुत खराब होती है

हमे पता है तुम कहीं और के मुसाफिर हो हमारा शहर तो बस यूँ ही रस्ते में आया था

नए लोग से आज कुछ तो सीखा हे, पहले अपने जैसा बनाते हे फिर अकेला छोड़ देते है...

हमने भी एक ऐसे इंसान को चाहा, जिसे भूलना हमारे बस में नहीं और पाना किस्मत में नहीं.

गुल्लक की तरह था रिश्ता हमारा जब टूटा तब कीमत समझ में आई

"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."

जिनके दिल बहुत अच्छे होते हैं न अक्सर उनकी किस्मत बहुत खराब होती है

हमे पता है तुम कहीं और के मुसाफिर हो हमारा शहर तो बस यूँ ही रस्ते में आया था

नए लोग से आज कुछ तो सीखा हे, पहले अपने जैसा बनाते हे फिर अकेला छोड़ देते है...

हमने भी एक ऐसे इंसान को चाहा, जिसे भूलना हमारे बस में नहीं और पाना किस्मत में नहीं.

गुल्लक की तरह था रिश्ता हमारा जब टूटा तब कीमत समझ में आई