किसी ने क्या खूब कहा है - अकड़ तो सब में होती है .. झुकता वही है जिसे रिश्तो की फ़िक्र होती है..
बस दिल उदास है वैसे तो ठीक हूँ मैं
गुज़रे है आज इश्क के उस मुकाम से, नफरत सी हो गयी है मोहब्बत के नाम से ।
पलकों में आँसु और दिल में दर्द सोया है, हँसने वालो को क्या पता, रोने वाला किस कदर रोया है
एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है
मेरे मरने पर किसी को ज्यादा फर्क नहीं होगा, बस तन्हाई रोएगी कि मेरा हमसफ़र चला गया....
किसी ने क्या खूब कहा है - अकड़ तो सब में होती है .. झुकता वही है जिसे रिश्तो की फ़िक्र होती है..
बस दिल उदास है वैसे तो ठीक हूँ मैं
गुज़रे है आज इश्क के उस मुकाम से, नफरत सी हो गयी है मोहब्बत के नाम से ।
पलकों में आँसु और दिल में दर्द सोया है, हँसने वालो को क्या पता, रोने वाला किस कदर रोया है
एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है
मेरे मरने पर किसी को ज्यादा फर्क नहीं होगा, बस तन्हाई रोएगी कि मेरा हमसफ़र चला गया....