मै उसके लिए चाय बनाना सीखता रहा और वो पैग बनाने वाले के साथ भाग गई

मै उसके लिए चाय बनाना सीखता रहा और वो पैग बनाने वाले के साथ भाग गई

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तेरी तो फितरत ही थी सभी से मोहब्बत करने की, हम तो बेवजह ही खुद को खुशनसीब समझने लगे थे.

उसे गजब का शौंक है हरियाली का, रोज आकर जख्मों को हरा कर जाती है

मौत आये तो शायद दिन सवर जाए वरना ज़िंदगी ने तो मार ही डाला है

मुझे हँसता हुआ देखा तो परेशान सा लगा....वह तो रिस्ते हुये जख्म देखने आया था मेरे...

मोहब्बत क्या है चलो दो लफ्ज़ो में बताते है तेरा मजबूर कर देना मेरा मजबूर हो जाना

किसी से हद से ज़्यादा उम्मीद लगाओगे तो एक दिन उस उम्मीद के साथ खुद भी टूट जाओगे

तेरी तो फितरत ही थी सभी से मोहब्बत करने की, हम तो बेवजह ही खुद को खुशनसीब समझने लगे थे.

उसे गजब का शौंक है हरियाली का, रोज आकर जख्मों को हरा कर जाती है

मौत आये तो शायद दिन सवर जाए वरना ज़िंदगी ने तो मार ही डाला है

मुझे हँसता हुआ देखा तो परेशान सा लगा....वह तो रिस्ते हुये जख्म देखने आया था मेरे...

मोहब्बत क्या है चलो दो लफ्ज़ो में बताते है तेरा मजबूर कर देना मेरा मजबूर हो जाना

किसी से हद से ज़्यादा उम्मीद लगाओगे तो एक दिन उस उम्मीद के साथ खुद भी टूट जाओगे