"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."
चेहरा तो मिल ही जाएगा हमसे भी खुबसूरत पर जब बात दिल की आएगी ना तो हार जाओगे तुम
मेरे मरने पर तो रोने वाले बहुत हैं तलाश उसकी है जो मेरे रोने से मर जाए
दिल उसके इंतज़ार में डूबा है. जो किसी और की चाहत में डूबा है.
क्या औकात है तेरी ए ज़िंदगी.. चार दिन की मोहब्बत तुझे बरबाद कर देती है..
तेरी कसम सिर्फ तेरे हैं हम
"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."
चेहरा तो मिल ही जाएगा हमसे भी खुबसूरत पर जब बात दिल की आएगी ना तो हार जाओगे तुम
मेरे मरने पर तो रोने वाले बहुत हैं तलाश उसकी है जो मेरे रोने से मर जाए
दिल उसके इंतज़ार में डूबा है. जो किसी और की चाहत में डूबा है.
क्या औकात है तेरी ए ज़िंदगी.. चार दिन की मोहब्बत तुझे बरबाद कर देती है..
तेरी कसम सिर्फ तेरे हैं हम