देख लिया खुद को बिजी रख कर भी फिर भी याद सिर्फ तुम्हारी आती हैं.

देख लिया खुद को बिजी रख कर भी फिर भी याद सिर्फ तुम्हारी आती हैं.

Share:

More Like This

ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए

कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया

चेहरे तो मिल जाएगी हमसे भी खूबसूरत, पर बात दिल की आएगी ना तो हार जाओगे.

सच को तमीज़ ही नहीं बात करने की, झूठ को देखो, कितना मीठा बोलता है....

पहले चुभा बहुत अब आदत सी हैं, ये दर्द पहले था अब इबादत सी हैं |

गिरते हुए पत्त्तों ने मुझे यह समझाया हैं बोझ बन जाओ तो अपनो भी गिरा देते हैं .

ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए

कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया

चेहरे तो मिल जाएगी हमसे भी खूबसूरत, पर बात दिल की आएगी ना तो हार जाओगे.

सच को तमीज़ ही नहीं बात करने की, झूठ को देखो, कितना मीठा बोलता है....

पहले चुभा बहुत अब आदत सी हैं, ये दर्द पहले था अब इबादत सी हैं |

गिरते हुए पत्त्तों ने मुझे यह समझाया हैं बोझ बन जाओ तो अपनो भी गिरा देते हैं .