कल जितनी हसरत थी तुझे पाने की आज उतनी हसरत है तुझे भूल जाने की
जो कदर नहीं करता उसके लिए तुम रोते हो, जो तुम्हरी कदर करता है तुम रुलाते हो
वो दूर होकर भी पास हैं हमारी नहीं है फिर भी ख़ास है
प्यार तो अमीरो से होता है हम गरीबो सा तो मजाक होता है
बहुत जल्दी भरोसा कर रहे हो, कभी पहले टूटा नहीं क्या?
बहुत सजा पाई है मैंने वफ़ा निभाने की अब, ना रोने की ताकत है न जागने की हिम्मत।
कल जितनी हसरत थी तुझे पाने की आज उतनी हसरत है तुझे भूल जाने की
जो कदर नहीं करता उसके लिए तुम रोते हो, जो तुम्हरी कदर करता है तुम रुलाते हो
वो दूर होकर भी पास हैं हमारी नहीं है फिर भी ख़ास है
प्यार तो अमीरो से होता है हम गरीबो सा तो मजाक होता है
बहुत जल्दी भरोसा कर रहे हो, कभी पहले टूटा नहीं क्या?
बहुत सजा पाई है मैंने वफ़ा निभाने की अब, ना रोने की ताकत है न जागने की हिम्मत।