हर बात पे ताना, हर अंदाज़ में गुस्सा, साफ़ क्यों नहीं कहते की मोहब्बत नहीं रही

हर बात पे ताना, हर अंदाज़ में गुस्सा, साफ़ क्यों नहीं कहते की मोहब्बत नहीं रही

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अब डर सा लगने लगा है मुझे उस हर शख्स से जो कहता है मैं तुम्हे अकेला नहीं छोड़ूंगा

कई बार ऐसा भी होता है के ज़रूरत से ज़्यादा सोचना भी इंसान की खुशियां छीन लेता है।

मायने खो देते हैं वो जवाब, जो वक्त पर नहीं मिलते !!

वो हर बात मुझसे छुपाने लगे हैं, वो मेरे हिस्से का वक़त किसी और के साथ बिताने लगे हैं

जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं…!

मुस्कुराना तो सीखना पड़ता हैं, रोना तो लोग सीखा देते हैं..

अब डर सा लगने लगा है मुझे उस हर शख्स से जो कहता है मैं तुम्हे अकेला नहीं छोड़ूंगा

कई बार ऐसा भी होता है के ज़रूरत से ज़्यादा सोचना भी इंसान की खुशियां छीन लेता है।

मायने खो देते हैं वो जवाब, जो वक्त पर नहीं मिलते !!

वो हर बात मुझसे छुपाने लगे हैं, वो मेरे हिस्से का वक़त किसी और के साथ बिताने लगे हैं

जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं…!

मुस्कुराना तो सीखना पड़ता हैं, रोना तो लोग सीखा देते हैं..