हर बात पे ताना, हर अंदाज़ में गुस्सा, साफ़ क्यों नहीं कहते की मोहब्बत नहीं रही

हर बात पे ताना, हर अंदाज़ में गुस्सा, साफ़ क्यों नहीं कहते की मोहब्बत नहीं रही

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मत किया कर ऐ दिल किसी से इतनी मोहब्बत, जो लोग बात नहीं करते वो प्यार क्या करेंगे

कल जितनी हसरत थी तुझे पाने की आज उतनी हसरत है तुझे भूल जाने की

फरक तो उन्हें पढता है जिनके पास एक हो उन्हें क्या फरक पढ़ेगा जिनके पास हजारों हैं

कभी कभी इंसान ना टूटता है ना बिखरता है बस हार जाता है कभी किस्मत से तो कभी अपनों से

किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए

क्यूँ दुनिया वाले प्यार को ईश्वर का दर्जा देते है ? मैंने तो आज तक नहीं सुना कि ईश्वर ने बेवफ़ाई की हो !!

मत किया कर ऐ दिल किसी से इतनी मोहब्बत, जो लोग बात नहीं करते वो प्यार क्या करेंगे

कल जितनी हसरत थी तुझे पाने की आज उतनी हसरत है तुझे भूल जाने की

फरक तो उन्हें पढता है जिनके पास एक हो उन्हें क्या फरक पढ़ेगा जिनके पास हजारों हैं

कभी कभी इंसान ना टूटता है ना बिखरता है बस हार जाता है कभी किस्मत से तो कभी अपनों से

किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए

क्यूँ दुनिया वाले प्यार को ईश्वर का दर्जा देते है ? मैंने तो आज तक नहीं सुना कि ईश्वर ने बेवफ़ाई की हो !!