जब 'मतलब' ना होतो लोग बोलना तो दूर देखना तक छोड़ देते है .
इस दुनिया में अजनबी रहना ही ठीक है लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना कर
रिश्ते वेहम से भी ख़तम हो जाते हैं, अक्सर क़ुसूर हमेशा गलतियों का नहीं होता
माफ़ी गलती की होती है, ज़िंदा लाश बनाने की नहीं
हमे देखकर..अनदेखा कर दिया उसने, बंद आंखों से पहचानने का, कभी दावा किया था जिसने
बेवजह हाल कोई नहीं पूछता आज कल, हर बात की एक वजह होती है आज कल।
जब 'मतलब' ना होतो लोग बोलना तो दूर देखना तक छोड़ देते है .
इस दुनिया में अजनबी रहना ही ठीक है लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना कर
रिश्ते वेहम से भी ख़तम हो जाते हैं, अक्सर क़ुसूर हमेशा गलतियों का नहीं होता
माफ़ी गलती की होती है, ज़िंदा लाश बनाने की नहीं
हमे देखकर..अनदेखा कर दिया उसने, बंद आंखों से पहचानने का, कभी दावा किया था जिसने
बेवजह हाल कोई नहीं पूछता आज कल, हर बात की एक वजह होती है आज कल।