रुलाती है मगर रोने का नहीं.
मेरे मरने पर किसी को ज्यादा फर्क नहीं होगा, बस तन्हाई रोएगी कि मेरा हमसफ़र चला गया....
एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से
तुम जो साथ हो तो दुनिया अपनी सी लगती है वरना सीने में सांस भी पराई लगती है
जो प्यार नहीं सच्चा उसे भूल जाना ही अच्छा
बुरा लगता है हर बार किसी को अपनी याद दिलाना जिन में वफ़ा होती है खुद ही याद कर लेते हैं
रुलाती है मगर रोने का नहीं.
मेरे मरने पर किसी को ज्यादा फर्क नहीं होगा, बस तन्हाई रोएगी कि मेरा हमसफ़र चला गया....
एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से
तुम जो साथ हो तो दुनिया अपनी सी लगती है वरना सीने में सांस भी पराई लगती है
जो प्यार नहीं सच्चा उसे भूल जाना ही अच्छा
बुरा लगता है हर बार किसी को अपनी याद दिलाना जिन में वफ़ा होती है खुद ही याद कर लेते हैं